महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने दावा किया कि शरद पवार गुट का कोई नेता उनके संपर्क में नहीं है. बुधवार (26 मार्च) को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने ये बात कही. दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद से ही कई बार ऐसी चर्चाओं को हवा मिली की शरद पवार की पार्टी में टूट हो सकती है. लेकिन अब अजित पवार ने बयान देकर चाचा की पार्टी में टूट की अटकलों पर विराम लगा दिया है.

गार्जियन मिनिस्टर्स की नियुक्ति पर क्या बोले?

इसके साथ ही अजित पवार ने मीडिया को गार्जियन मिनिस्टर की नियुक्ति को लेकर भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस पर फैसला लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमने किसानों के मुद्दे उठाए हैं. उन पर से टैक्स का बोझ हटा दिया गया है. किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं.

विधानसभा चुनाव में चाचा पर भारी पड़े अजित पवार

अजित पवार की पार्टी को महायुति में 59 सीटें मिली थीं. इनमें से उनकी पार्टी को 41 सीटों पर कामयाबी मिली. वहीं, शरद पवार को महाविकास अघाड़ी में 86 सीटें मिली थीं जिसमें से महज 10 सीटों पर ही उनकी पार्टी को जीत मिल सकी. इससे पहले हुए लोकसभा चुनाव में एनसीपी महज 1 सीट ही जीत पाई थी. इससे ये चर्चा शुरू हो गई कि क्या शरद पवार से अलग होने के बाद अजित पवार का गुट महाराष्ट्र की सियासत में फेल हो गया है. लेकिन विधानसभा चुनाव में वापसी करते हुए अजित पवार ने आलोचकों को भी जवाब दिया.

चाचा-भतीजा के साथ आने की अटकलों को भी मिल चुकी है हवा

महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने इस चर्चा को भी हवा दी कि क्या अजित पवार और शरद पवार साथ आएंगे. अजित पवार की मां ने आशा पवार ने कहा था कि दोनों के साथ आना चाहिए. वहीं प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि शरद पवार हमारे 'भगवान' हैं. इतना ही नहीं रोहित पवार की मां सुनंदा ने दोनों नेताओं के साथ आने पर जोर दिया था. रोहित पवार, शरद पवार के पोते हैं.