ऑल इंडिया मुस्लिम लॉ बोर्ड (AIMPLB) की अपील पर AIMIM नेता वारिस पठान ने 15 मिनट तक अपने ऑफिस की लाइट बंद की. दरअसल, AIMPLB ने वक्फ कानून के खिलाफ सांकेतिक विरोध दर्ज करने के लिए लोगों से अपील की थी कि वो रात 9 बजे से 9 बजकर 15 मिनट तक अपने यहां की लाइट बंद करें.
क्या बोले वारिस पठान?
वारिस पठान ने वीडियो शेयर करते हुए कहा, "नौ बज गए हैं, मैंने अपने ऑफिस की लाइट बंद कर दी है. मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से जो अपील की गई थी कि आज 30 अप्रैल को सबको 15 मिनट के लिए अपने-अपने घरों की, अपने मकानों की, मस्जिदों की लाइट बंद करनी है. उसी अपील के तहत हम लाइट बंदकर बैठे हुए हैं."
ये कानून पूरी तरह से असंवैधानिक- वारिस पठान
इसके आगे उन्होंने कहा, "ये हमारी तरफ से एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन है. ये पैगाम है मोदी सरकार को जिन्होंने ये वक्फ का काला कानून लाकर देश के अंदर थोप दिया है. ये पूरी तरह से असंवैधानिक कानून है. मैं तो चाहूंगा कि तमाम लोग इसमें शामिल हों. इसका पैगाम दिल्ली तक जाना चाहिए. सरकार को ये समझ आए कि जितने भी भारत के मुसलमान हैं वो नहीं चाहते कि वक्फ का कानून लागू हो तो फिर वो इसे क्यों लाना चाहते हैं?"
'शायद सरकार के दिमाग की बत्ती खुल जाए'
AIMIM नेता ने ये भी कहा, "हम चाहते हैं कि काला कानून वापस लिया जाए. जो लोग सड़क पर विरोध नहीं कर सके थे, आज उनके पास मौका है कि सिर्फ 15 मिनट के लिए आप अपने घरों की बत्तियां बुझा दीजिए. सरकार को पैगाम दीजिए शायद उनके दिमाग की बत्ती खुल जाए और वो बिल वापस ले ले.
बता दें कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सामाजिक संगठनों और सभी लोगों से इस अभियान में हिस्सा लेने और समर्थन करने की अपील की थी. पर्सनल लॉ बोर्ड ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ अपने अभियान को कुछ दिनों के लिए रोक दिया.
