नीट पेपर लीक पर AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान ने सरकार और NTA पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ये बहुत ही अफसोसजनक, चिंताजनक और दुखद बात है कि नीट का पेपर लीक हो जाता है. 23 लाख से ज्यादा छात्रों की जिंदगी और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है. ये पहली बार नहीं हुआ है. 2024 में भी पेपर लीक हुआ था. सरकार क्या कर रही है, सरकार एक पेपर नहीं बचा सकती, इतना लीक कैसे हो रहा है?

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वारिस पठान ने कहा, "छात्र लोग दो साल से मेहनत करें, खर्चा किया, जाकर परीक्षा दी, उनका मोरल आपने पूरा का पूरा तोड़ दिया न? ये NTA क्या कर रहा है, हर बार का यही हो रहा है. जो बच्चे पेपर देकर आए, उनकी मानसिक हालत क्या है, ये आपको पता है? कितने बच्चे पेपर देने के बाद बाहर चले गए और अब उनको वापस आना है. सरकार को गंभीरता से मामले को लेना चाहिए. सीबीआई की जांच बिठा दी. सीबीआई का रिजल्ट आएगा तब तक तो कितने MBBS के डॉक्टर बन जाएंगे."

इसके साथ ही उन्होंने कहा, "सरकार जरा भी गंभीर नहीं है. इनके एजुकेशन मिनिस्टर जब जा रहे होते हैं और पत्रकार जब उनसे सवाल करते हैं तो वो जवाब देने को तैयार नहीं हैं. चुप्पी साधकर चले जाते हैं. जवाबदेही तो किसी न किसी तय करनी पड़ेगी. या हर बार इसी तरह होता रहेगा?"

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AIMIM नेता ने ये भी कहा, "वारिस पठान ने मांग की कि बच्चों की फीस वापस होनी चाहिए. सरकार को छात्रों के मुआवजा देना चाहिए. हमारी आगे ये भी मांग है कि अब जो परीक्षा होगी उसमें छात्रों को आने जाने का किराया और रहने का खर्चा भी सरकार को देना चाहिए. क्योंकि सरकार की लापरवाही की वजह से ये हुआ है. छात्रों की इसमें कोई गलती नहीं है. सरकार को पूरा भुगतान करना पड़ेगा."

वारिस पठान ने कहा कि हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के एक जज की मॉनिटरिंग के अंदर कमेटी का गठन किया जाए और पूरी जांच हों. सरकार को सख्ती से कार्रवाई करनी पड़ेगी. उन्होंने कहा, "कोचिंग वालों से मेरी अपील है कि आप बिना फीस लिए आगे बढ़कर बच्चों की मदद करिए. सरकार इसकी लड़ तक पहुंचे क्योंकि दिख कुछ रहा है, हो कुछ सकता है."

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