Ujjain News: कोरोना काल में लाखों लोगों के रोजगार चले गए. देश में बेरोजगारी से बुरा हाल है. उज्जैन के देवास में एक प्रोफेसर ने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी कर ली. कोरोना काल में उनकी नौकरी चली गई थी, जिसके बाद तंग आकर उन्होंने ये खौफनाक कदम उठा लिया. देवास गेट थाना पुलिस ने इस घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है. 
 
नौकरी जाने से थे परेशान प्रोफेसर
ये घटना देवास के मिश्री नगर इलाके की है जहां 38 साल के कमलजीत सिंह देवास-इंदौर के बीच एक निजी महाविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर पदस्थ थे, लेकिन कोरोना काल में  उनकी नौकरी चली गई. बेरोजगारी के चलते वे लगातार परेशानी के दौर से गुजर रहे थे. इस दौरान वे डिप्रेशन में चले गए. कमलजीत सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के थे. वे सुबह शाम पूजा पाठ करते थे. एक महीने पहले भी उन्होंने अपने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी, लेकिन तब उन्हें बचा लिया गया था.
 
फांसी के फंदे पर लटककर खुदकुशी
नौकरी न होने की वजह से कमलजीत डिप्रेशन में चल रहे थे, जिसके बाद मौत को गले लगा लिया. कमलजीत ने उज्जैन के दूध तलाई स्थित गुरुद्वारे में कमरा किराए पर लिया हुआ था. उन्होंने पहले अपने हाथ की नसें काटी और फिर इसके बाद फांसी लगाकर खुदकुशी क ली. काफी देर बाद जब कमलजीत कमरे से बाहर नहीं निकले तो गुरुद्वारे के चौकीदार अंदर झांक कर देखा, तब कहीं जाकर इसका खुलासा हुआ. जिसके बाद देवास के थाना पुलिस को सूचना दी गई.
 
पुलिस ने शुरू की जांच
 
पुलिस के मुताबिक इस घटना को लेकर परिवार वालों के बयान दर्ज किए गए हैं. इसमें उनके करीबी रिश्तेदार शामिल है. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि कमलजीत के माता-पिता के अलावा पत्नी और बेटा भी है, जो देवास में रहते हैं. उनके द्वारा लगातार कमलजीत को समझाया जा रहा था, लेकिन उनकी सारी कोशिशे बेकार हो गईं.