Ujjain News: उज्जैन में भगवान महाकाल का मंदिर परिसर आने वाले 15 माह के दौरान बिल्कुल बदल जाएगा. मंदिर परिसर को महाकाल वन प्रोजेक्ट के तहत नया बदलाव और विस्तारीकरण योजना के जरिए विकसित किया जा रहा है. शिव भक्तों के लिए अच्छी खबर है कि भगवान महाकाल का दरबार प्राचीन स्वरूप के साथ-साथ श्रद्धालुओं की नई सुविधा के लिए विस्तारित हो रहा है. महाकाल वन प्रोजेक्ट और विस्तारीकरण योजना पर मध्यप्रदेश सरकार 752 करोड़ रुपए खर्च कर रही है. योजना के मार्च 2023 तक पूरी होने की उम्मीद है लेकिन विस्तारीकरण योजना का आधा भाग फरवरी 2022 तक मुकम्मल हो जाएगा.
20 हेक्टेयर में फैल जाएगा मंदिर
विस्तारीकरण योजना के एक भाग का काम अंतिम दौर में चल रहा है. महाकाल मंदिर विस्तारीकरण योजना पूरी होने के बाद परिसर में लगभग 1 लाख श्रद्धालुओं की क्षमता हो सकेगी. वर्तमान समय में महाकाल मंदिर का परिसर दो से ढाई हेक्टेयर में फैला हुआ है, जबकि विस्तारीकरण के बाद 20 हेक्टेयर में फैल जाएगा. महाकालेश्वर मंदिर समिति के अध्यक्ष और कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि महाकाल मंदिर का नया स्वरूप सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है.
प्राचीन स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विस्तारीकरण
प्रतिदिन आने वाले स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के नजदीक से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी, जबकि बाहरी भक्तों के लिए अलग से विजिटर सेंटर बनाए जा रहे हैं, जहां उन्हें पूरे परिसर में घूमकर अद्भुत आनंद की अनुभूति होगी. प्राचीन समय में महाकाल मंदिर क्षेत्र को महाकाल वन क्षेत्र कहा जाता था. योजना में प्राचीन स्वरूप को ध्यान में रखते हुए विस्तारीकरण किया जा रहा है. यहां पर सप्त ऋषि के साथ-साथ भगवान शिव के कई रूपों का दर्शन होगा. इसके अलावा नवग्रह भी विराजमान रहेंगे.
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