Ujjain Bulldozer Action: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में शुक्रवार (23 मई) को प्रशासन ने बुलडोजर एक्शन लिया. महाकालेश्वर मंदिर के पास हरि फाटक ब्रिज से बेगम बाग की ओर जाने वाले रास्ते पर उज्जैन विकास प्राधिकरण की टीम ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर तीन मकान को हटाने की कार्रवाई की है.
उज्जैन विकास प्राधिकरण के अधिकारी संदीप सोनी ने बताया कि विकास प्राधिकरण ने भूखंडों पर जो नियम पारित किए थे, उनके विरोध में जाते हुए यहां व्यावसायिक बिल्डिंग बना दी गई थी. इसके अलावा, एक भूखंड के कई टुकड़े कर दिए गए थे. इस प्रकार के तीन मामलों में बुलडोजर चलवा दिया गया है.
50 और भूखंड पर कार्रवाई करेगा प्रशासनइसके अलावा, अभी 50 और भूखंड ऐसे हैं जिन्हें लेकर विकास प्राधिकरण कार्रवाई की रणनीति तैयार कर रहा है. दरअसल, हरी फाटक से बेगम बाग होते हुए महाकालेश्वर मंदिर का यह मुख्य मार्ग है जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने हैं. इस मार्ग को चौड़ा किए जाने की भी कवायद चल रही थी.
स्थानीय लोग कर रहे विरोधइसी दौरान प्राधिकरण ने 28 से ज्यादा मकानों की लीज निरस्त कर दी है. अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिसका इलाके के लोग विरोध कर रहे हैं.
2014 में पूरी हो चुकी है लीजसंदीप सोनी, सीईओ, उज्जैन विकास प्राधिकरण ने जानकारी दी कि यह पूरा क्षेत्र उज्जान विकास प्राधिकरण की योजना है. लगभग डेढ़ साल पहले उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा 28 ऐसी संपत्तियों को नोटिस जारी उनकी लीज निरस्त कर चुका था, जहां लोगों ने लीज की शर्तों का उल्लंघन किया हुआ था. इनकी लीज साल 2014-15 में ही खत्म हो गई थी. साथ भी और भी शर्तों के विरुद्ध काम किया गया था, जैसे कि प्राधिकरण की परमिशन के बिना काम किया गया या फिर एक भूखंड के कई टुकड़े कर दिए गए.
लीज निरस्त होने के बाद संपत्ति अतिक्रमण में आती है. अतिक्रमण हटाने के अधिकार के तहत प्राधिकरण ने यह एक्शन लिया है. इसके लिए सितंबर 2024 में अंतिम आदेश दिया गया था. मामला हाई कोर्ट में चला और फिर अब एक्शन लिया गया है.
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