मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. एक ऐसा मामला जहां ममता पर भारी पड़ गया अंधविश्वास का खौफनाक जाल. जादू-टोना के शक में एक बेटे ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर जन्म देने वाली मां की हत्या कर दी. 

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दोनों ने डंडों और कुल्हाड़ी से तब तक वार किए जब तक मां बेसुध नहीं हो गई, फिर गला घोंटकर उसकी जान ले ली. इसके बाद पांच लोगों ने मिलकर शव को खेत में दफना दिया. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर शव को बाहर निकाला. 

अंधविश्वास बना हत्या की वजह

यह दर्दनाक वारदात शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के झिकबिजुरी चौकी के अंतर्गत ग्राम कुटेला की है. यहां 25 वर्षीय सत्येंद्र सिंह ने अपने चाचा के बेटे ओमप्रकाश के साथ मिलकर 45 वर्षीय मां प्रेमबाई की निर्मम हत्या कर दी. पुलिस जांच में पता चला कि सत्येंद्र को अपनी मां पर जादू-टोना करने का संदेह था. 

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उसने पुलिस को बताया कि चाचा की अचानक हुई मृत्यु और पत्नी-बच्चों की बीमारी का कारण उसे मां का तंत्र-मंत्र लगने लगा. इसी अंधविश्वास में उसने अपनी मां को कुल्हाड़ी और डंडों से पीट-पीटकर मार डाला. जब मां बेसुध होकर गिर गई, तो उसका गला घोंट दिया. इसके बाद तीन अन्य रिश्तेदारों- गुलाब सिंह, अमन सिंह और अमोद सिंह- की मदद से शव को खेत में दफना दिया गया.

गांव में पसरा सन्नाटा, बेटे की करतूत से कांपे लोग

यह वारदात 6 नवंबर की रात की है. जब प्रेमबाई अगले दिन घर पर नहीं दिखीं तो ग्रामीणों को शक हुआ. उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सत्येंद्र से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने पूरी घटना कबूल ली. उसकी निशानदेही पर खेत की खुदाई कर मां का शव बरामद किया गया. शव निकालते ही गांव में मातम छा गया और लोग बेटे की इस हैवानियत पर सन्न रह गए.

ग्रामीणों ने बताया कि जब प्रेमबाई पर हमला किया जा रहा था, वह बेटे से रहम की भीख मांग रही थी- “मत मार, मैं तेरी मां हूं” लेकिन अंधविश्वास में अंधे बेटे ने एक न सुनी और तब तक वार करता रहा जब तक मां की सांसें थम नहीं गईं.

पुलिस ने किया खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

शहडोल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों- सत्येंद्र सिंह, ओमप्रकाश, गुलाब सिंह, अमन सिंह और अमोद सिंह—को गिरफ्तार कर लिया है. डीएसपी हेड क्वार्टर राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों ने अंधविश्वास के चलते यह हत्या की और साक्ष्य छिपाने के लिए शव को खेत में दफना दिया था.

पुलिस ने शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हत्या व साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है. उन्होंने कहा कि यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी मान्यताएं न केवल अपराध को जन्म देती हैं बल्कि पारिवारिक रिश्तों को भी मिट्टी में मिला देती हैं.

रवींद्र सिंह गिल की रिपोर्ट.