रीवा जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही तेज बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई वार्डों में सड़कें पानी में डूब गईं. निचले इलाकों में हालात और ज्यादा खराब नजर आए, जहां बारिश का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया. कई जगह लोगों को घर से निकलने और वाहन चलाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.

Continues below advertisement

बारिश के बाद एक बार फिर रीवा की जल निकासी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. नगर निगम की टीमें जलभराव वाले इलाकों में पहुंचीं और पानी निकालने का काम शुरू किया. कई जगह नालों की खुदाई कर पानी की निकासी के लिए अस्थायी रास्ते भी बनाए जा रहे हैं.

50, 60 और आज 65 रुपये! तीन दिन में चीनी के दाम बढ़े, फीका होगा रक्षाबंधन

Continues below advertisement

20 साल से बनी हुई है जलभराव की समस्या

शहर के कुछ इलाकों में जलभराव कोई नई परेशानी नहीं है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या पिछले करीब 20 वर्षों से चली आ रही है. बारिश होते ही रास्ते पर पानी भर जाता है और लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है.

रहवासियों के मुताबिक विश्वविद्यालय क्षेत्र की तरफ से आने वाला पानी भी इसी रास्ते से गुजरता है. ऐसे में जब तेज बारिश होती है तो पानी का दबाव बढ़ जाता है और सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है. इस बार भी रातभर हुई बारिश के बाद यही स्थिति देखने को मिली.

जलभराव इतना ज्यादा है कि कई लोगों के चार पहिया वाहन तक पानी में डूब गए. स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर पानी भरने के कारण पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है. वाहन चालकों को भी काफी सावधानी से गुजरना पड़ता है.

लोगों को सबसे ज्यादा डर इस बात का है कि अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो पानी घरों के अंदर भी और तेजी से पहुंच सकता है. निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए हर तेज बारिश चिंता का कारण बन जाती है.

शिकायतों के बाद भी नहीं निकला स्थायी समाधान

रहवासियों का आरोप है कि जलभराव की समस्या को लेकर कई बार वार्ड पार्षदों, नगर निगम के अधिकारियों और कमिश्नर तक शिकायत की जा चुकी है. हर साल बारिश के दौरान निगम का अमला मौके पर पहुंचकर पानी निकालता है, लेकिन बारिश का मौसम खत्म होते ही स्थायी समाधान की दिशा में काम नजर नहीं आता.

लोगों का सीधा सवाल है कि जब विश्वविद्यालय क्षेत्र का पानी भी इसी रास्ते से गुजरता है तो यहां मजबूत और स्थायी ड्रेनेज सिस्टम क्यों नहीं बनाया गया? उनका कहना है कि हर साल एक जैसी स्थिति पैदा होती है, लेकिन समस्या का स्थायी हल आज तक नहीं निकाला गया.

ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ी परेशानी

लगातार बारिश का असर सिर्फ रीवा शहर तक सीमित नहीं है. जिले के कई ग्रामीण इलाकों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है. निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई जगह रास्तों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है.

बारिश के कारण जिले की नदियों और नालों में भी पानी का स्तर बढ़ रहा है. नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों में इसे लेकर चिंता बढ़ गई है. ऐसे में प्रशासन की ओर से लोगों को सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है.

सागर में ऑनलाइन बेटिंग का पर्दाफाश, 2.69 करोड़ कैश बरामद

हर साल बारिश में सामने आती है वही तस्वीर

बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था और विकास कार्यों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर हर साल बारिश में सड़कें पानी में डूब जाती हैं और घरों तक पानी पहुंच जाता है, तो आखिर स्थायी समाधान कब होगा?

फिलहाल नगर निगम की टीमें जलभराव वाले इलाकों से पानी निकालने में जुटी हैं. लेकिन बारिश अभी भी जारी है. ऐसे में आने वाले घंटों में अगर बारिश का दौर इसी तरह चलता रहा तो शहर के निचले इलाकों में परेशानी और बढ़ सकती है. लोगों की मांग है कि प्रशासन तत्काल राहत के साथ-साथ इस 20 साल पुरानी समस्या का स्थायी समाधान भी निकाले.