मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की है. इंदौर-उज्जैन-ओंकारेश्वर-इंदौर रूट पर अब हेलिकॉप्टर सेवा उपलब्ध होगी, जिससे सफर का समय काफी कम हो जाएगा. हालांकि, इस सेवा की शुरुआत के साथ ही इसके भारी किराए और असुविधाजनक समय को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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यह सेवा तेज सफर का विकल्प तो देती है, लेकिन इसकी कीमत आम लोगों के लिए काफी ऊंची है. वास्तविक किराया: इंदौर से उज्जैन का वास्तविक किराया 10,000 रुपये प्रति सीट निर्धारित है. फिलहाल 50% की छूट के साथ टिकट 5,000 रुपये में दिया जा रहा है.

ऑफर हटने पर यह किराया वापस 10,000 रुपये हो सकता है, जो पिछली सस्ती विमान सेवाओं (जैसे फ्लाय-ओला की 3,000 रुपये की सेवा) की तुलना में बहुत अधिक है. यह हेली सेवा इंदौर से सप्ताह में तीन दिन संचालित होगी. वहीं उज्जैन से इंदौर दो दिन उड़ानें चलेंगी. इसके साथ ही ओंकारेश्वर से इंदौर पांच दिन उड़ानें संचालित होंगी.

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कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट, कैप्टन भट्टाचार्य ने बताया कि इंदौर एयरपोर्ट से भी संचालन शुरू करने की संभावना पर बातचीत जारी है.

इस सेवा के सफल होने की राह में तीन चुनौतियां हैं प्रमुख 

समय यात्रियों के अनुकूल नहीं

वर्तमान में इंदौर से उड़ान का निर्धारित समय दोपहर 2 बजे है.

अधिकांश यात्री दर्शन के लिए सुबह या शाम की उड़ानों से इंदौर पहुंचते हैं, जिससे दोपहर का समय उनके लिए सुविधाजनक नहीं है. कंपनी की योजना भविष्य में सुबह 8 बजे और दोपहर 12 बजे उड़ानें शुरू करने की है.

हेलीपैड की दूरी

उड़ानें इंदौर के अंबामोलिया में बने हेलीपैड से संचालित होंगी. यह हेलीपैड शहर के केंद्र राजवाड़ा से लगभग 15 किमी और इंदौर एयरपोर्ट से लगभग 21 किमी दूर है. यात्रियों को हेलीपैड तक पहुंचने में ही काफी समय लग जाएगा.

ट्रैवल एजेंटों का मानना है कि हेली सेवा के किराए में चार लोग लग्जरी कार किराए पर लेकर उज्जैन और ओंकारेश्वर दोनों स्थानों का दर्शन आराम से कर सकते हैं. पर्यटन विभाग के इस कदम को तेज कनेक्टिविटी के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन इसकी सफलता यात्रियों की प्रतिक्रिया और किराए में सुधार पर निर्भर करेगी.