Dindori Missionary School News: मध्यप्रदेश के डिंडोरी जिले (Dindori) में आदिवासी छात्राओं (Adivasi Students) के साथ मिशनरी स्कूल के प्रिंसिपल (Missionary School Principal) के छेड़छाड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. पुलिस ने प्रिंसिपल को थाने से ही छोड़ देने के मामले में राष्ट्रीय बाल आयोग (National Commission For Protection Of Child Rights) की नाराजगी के बाद पुलिस और प्रशासन एक बार फिर हरकत में आया है.


मंगलवार को आरोपी प्रिंसिपल को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है. पूर्व में उसे थाने से ही छोड़ देने वाले थाना प्रभारी को सस्पेंड (Suspend) भी कर दिया गया है. इस मामले में स्कूल के प्रबंधक (Manager) सहित तीन आरोपी अभी भी फरार हैं.


प्रिंसिपल पर छात्राओं से यौन उत्पीड़न का आरोप
बता दें कि डिंडोरी जिले की मिशनरी से संचालित जेडीईएस स्कूल में 8 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का मामला पिछले कई दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है. इस मामले में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से नाराज राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने मंगलवार को डिंडोरी पहुंचकर पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों से मुलाकात की.


पुलिस और प्रशासन के साथ बैठक में कानूनगो ने जब आरोपी प्रिंसिपल मान सिंह यादव को एफआईआर होने के बावजूद थाने से छोड़ देने के मामले में नाराजगी जताई तो उन्हें आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा मिला.


कानूनगो ने दिया 7 अलग-अलग FIR दर्ज करने का निर्देश
इसके बाद आनन-फानन में प्रिंसिपल मान सिंह यादव को फिर गिरफ्तार कर लिया गया. इसी तरह प्रिंसिपल को थाने से छोड़ने वाले समनापुर के थाना प्रभारी विजय पतले को जिले के पुलिस कप्तान ने सस्पेंड कर दिया. पूरे घटनाक्रम में प्रियंक कानूनगो ने प्रशासन को सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया हैं.


इस मामले में एडिशनल एसपी जगन्नाथ मरकाम के मुताबिक स्कूल का प्रबंधक शनि टीचर खेमचंद और सिस्टर सविता के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है. अभी ये तीनों आरोपी फरार है. उनकी गिरफ्तारी के लिए जबलपुर मंडला बालाघाट सहित आसपास के जिलों में पुलिस की रवाना की गई है.


प्रिंसिपल पर छात्रों के साथ अश्लील हरकतें करने का आरोप
बता दें कि इस समय पुर थाना क्षेत्र के जुनवानी गांव में संचालित जेडीएस मिशनरी स्कूल में आठ छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला पिछले दिनों सामने आया था. स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने बाल कल्याण अध्यक्ष के दौरे के समय उन्हें अपने साथ हो रहे यौन उत्पीड़न से अवगत कराया था. छात्राओं ने बताया था कि प्रिंसिपल नान सिंह यादव और शिक्षक खेमचंद अकेले में बुलाकर अश्लील हरकतें करते हैं. वे अगर बचकर निकलने की कोशिश करती है. तो सिस्टर सविता उनकी पिटाई करती है.


इस मामले की शिकायत स्कूल के प्रबंधक फादर शान से करने के बावजूद भी आरोपियों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई. जब इस मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने स्कूल संचालक प्रदर्शनी प्रिंसिपल नान सिंह यादव, अतिथि शिक्षक खेमचंद और सिस्टर सविता के खिलाफ पॉस्को एक्ट सहित तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था.


स्कूल को मिल रहा सरकार से फंड: प्रियंक कानूनगो
वहीं राष्ट्रीय बाल कल्याण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने ट्वीट करके आरोप लगाया है कि जिस संस्था में बच्चों का यौन शोषण हुआ उसे सरकार से फंडिंग मिल रही थी. एक ही परिसर में 4 अलग छात्रावासों के नाम पर सरकारी पैसा लिया जा रहा था. इसके साथ ही बच्चों से फीस भी ली जा रही थी. संस्था में बपतिस्मा करने और धर्मांतरण के प्रमाण भी मिले. हॉस्टल भी मानक के अनुरूप नहीं थे.


ये भी पढ़ें: Women's Day Special: एनकाउंटर स्पेशलिस्ट महिला DSP से थरथर कांपते हैं कुख्यात अपराधी, राज्य से लेकर केंद्र तक कई पुरस्कार हासिल