CM Mohan Yadav News: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार (28 मार्च) समाधान ऑनलाइन में आए विभिन्न प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाले 20 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए. साथ ही पेयजल प्रदाय में अव्यवस्था के दोषी ठेकेदार को अर्थदंड से दंडित किया गया.

सीएम मोहन यादव ने समाधान ऑनलाइन में सीएम हेल्पलाइन में दर्ज प्रकरणों में से ऐसे प्रकरणों का समाधान किया गया जिनका लंबे समय से समाधान लंबित था. मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी समाधान ऑनलाइन में उपस्थित थे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा कलेक्टर्स और अन्य अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए.

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल को लेकर निर्देश  इस दौरान सीएम यादव ने पेयजल व्यवस्था से संबंधित तीन प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों को दंडित करने का निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिस भी जिले से नागरिकों के लिए पेयजल की व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें प्राप्त होंगी, वहां संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. 

पेयजल समस्या से संबंधित एक प्रकरण में सीहोर जिले के भंवर सिंह पटेल ने ग्राम पंचायत बरखेड़ी में पानी न पहुंच पाने की शिकायत की थी. इस प्रकरण में अपर मुख्य सचिव श्री संजय शुक्ला ने बताया कि ठेकेदार फर्म मेसर्स विश्वा पर 37 हजार 469 की शास्ति अधिरोपित की गई है.

प्रोत्साहन राशि मिलने में देरी की शिकायतसमाधान ऑनलाइन में खंडवा जिले के दिनेश कलमे ने नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना में राशि मिलने में हुई देर की शिकायत की थी. समाधान ऑनलाइन में यह मामले आने के बाद गत 21 मार्च को कलमे दंपति को एक लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि का भुगतान हो गया है. इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर सामाजिक न्याय विभाग के उप संचालक, जिला कोषालय अधिकारी और नि:शक्त कल्याण शाखा के प्रभारी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं. साथ ही सामाजिक सुरक्षा अधिकारी जनपद पंचायत खालवा को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है. 

छात्रा को शिकायत करने पर सराहामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगरौली जिले की मोनिका द्वारा छात्रवृत्ति की राशि का भुगतान समय पर न किए जाने की शिकायत पर अप्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने इस प्रकरण में पोर्टल संचालन करने वाले अधिकारियों को भविष्य में गंभीरतापूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए. साथ ही यह चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह की शिकायत नहीं आना चाहिए वरना सख्त कार्रवाई होगी. इस प्रकरण में शिकायतकर्ता को छात्रवृत्ति की राशि 22 हजार 748 रूपए का भुगतान पोर्टल के माध्यम से कर दिया गया है. 

सीएम यादव ने कहा, "निर्धन वर्ग के व्यक्तियों को इस तरह से परेशान होना पड़े. यह अनुचित ही नहीं अपराध भी है. इस तरह के प्रकरणों में दोषी व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा." मुख्यमंत्री ने समाधान ऑनलाइन में आई शिकायतों के संदर्भ में यह भी निर्देश दिए कि इस स्वरूप की शिकायतें जिन भी जिलों में लंबित हैं, उनमें तत्काल संबंधित अधिकारी समाधान की कार्यवाही करवाएं.

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