इंदौर के भागीरथ पूरा में दूषित पानीं से फैली बीमारी ओर उससे हुई 17 मौतों को लेकर कांग्रेस का डेलिगेशन मंगलवार (6 जनवरी) को मृतकों के परिजनों से मिलने भागीरथ पूरा पहुंचा. दरअसल इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हालिया दुखद घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.
वही बड़ी संख्या में विपक्षी दलों के नेताओं के शोकाकुल परिवारों से मिलने की सूचना को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मंगलवार (6 जनवरी) भागीरथपुरा पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिले और उन्हें मुआवजा ज्यादा मिले जो जिम्मेदार लोग हैं, उन पर हत्या का केस दर्ज शासन प्रशाशन से करवाने का आश्वासन दिया.
वही डेलिगेशन में मुख्य रूप से शामिल नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी, सज्जन सिंह वर्मा, शोभा ओझा सहित कई कांग्रेस के नेता पहुंचे थे.
हाईकोर्ट ने की मामले में सुनवाई
इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों के मामले को लेकर हाईकोर्ट में मंगलवार (6 जनवरी) को अहम सुनवाई हुई. अदालत ने कुल 5 जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
पिछली सुनवाई में सरकार ने कोर्ट में अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतों की जानकारी दी गई. लेकिन मौतों का आंकड़ा इससे ज्यादा है. इस पर हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई और रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए.
हाईकोर्ट ने पानी को लेकर जताई चिंता
हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश के पीने के पानी की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर पीने का पानी ही दूषित हो, तो यह बेहद गंभीर विषय है. यह समस्या सिर्फ शहर के एक हिस्से तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे इंदौर के पीने के पानी की सुरक्षा पर सवाल है.
कोर्ट ने इस मामले में मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने के निर्देश दिए हैं. अगली सुनवाई की तारीख 15 जनवरी तय की गई है. खास बात यह है कि कोर्ट ने साफ कहा है कि वह इस गंभीर मामले में सीधे मुख्य सचिव की बात सुनना चाहता है.
वहीं दूसरी ओर, ज़मीनी हालात सरकार की रिपोर्ट से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. प्रशाशन से कहा गया है कि जिस तरह से कोरोना महामारी का मेडिकल बुलेटिन जारी करते थे उसी तरह दूषित पानी से फैली बीमारी का भी अपडेट दे.
दूषित पानी से 17 लोगों की मौत
बता दे कि अब तक दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत हो चुकी है. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 110 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से 311 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. जबकि 15 मरीज आईसीयू में इलाजरत हैं. अब सबकी निगाहें 15 जनवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सरकार इस गंभीर लापरवाही पर क्या जवाब देती है.