मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को हरित ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही ग्रीनको कंपनी के हैदराबाद स्थित मुख्यालय का दौरा किया. इस अवसर पर उन्होंने कंपनी की अत्याधुनिक तकनीकों, ऊर्जा संरक्षण प्रणालियों और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया.

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन एनर्जी आज राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत स्तंभ बनती जा रही है. ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन और इसके एक्सप्लोरेशन की दिशा में ग्रीनको समूह का योगदान अनुकरणीय और सराहनीय है.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कम्पनी के अधिकारियों के साथ हुई सौजन्य बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रीन एंड रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर में हो रही ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि भारत आज हरित ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना चुका है. मध्य प्रदेश इस मामले में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है. 

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'हर कंपनी का हम करते हैं दिल से स्वागत'

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन में निवेश की असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं. इस दिशा में हमारी सरकार भी बड़े से बड़े कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी सेक्टर के विकास और विस्तार के लिए मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आने वाले हर समूह और हर कंपनी का हम दिल से स्वागत करते हैं.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हैदराबाद प्रवास इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है. इससे राज्य में हरित ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अब नई तेजी आएगी. मध्य प्रदेश और ग्रीनको समूह के बीच परस्पर सहयोग की यह संभावित पहल मध्य प्रदेश को हरित ऊर्जा उत्पादन के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

भविष्य की योजनाओं की विस्तार से दी जानकारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कंपनी के ग्रुप सीईओ एवं प्रबंध निदेशक श्री अनिल चैनमला शेट्टी ने कम्पनी द्वारा पूरे देश में संचालित हरित ऊर्जा परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उनकी कम्पनी मध्य प्रदेश में भी अपने बिजनेस का विस्तार और निवेश बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है. 

उल्लेखनीय है कि ग्रीनको समूह ने मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर हरित ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावना व्यक्त की हैं. इनमें 100 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता, ग्रीन हाइड्रोजन क्लस्टर, बायो-रिफाइनरी प्लांट्स, 2G इथेनॉल, मेथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) उत्पादन जैसे उन्नत प्रोजेक्ट भी शामिल हैं.