मध्य प्रदेश के खंडवा में गुरुवार (2 अक्टूबर) को बड़ा हादसा हो गया. नवरात्र उत्सव के बाद माता की प्रतिमा को विसर्जन के लिए नदी की तरफ ले जाया जा रहा था. इसी दौरान रास्ते में पुलिया पार करते हुए ट्रैक्टर-ट्रॉली नदी में जा गिरी. पहले पांच लोगों की मौत की खबर आई थी. इसके बाद 11 लोगों के मौत की पुष्टि हुई. ये घटना खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र के जामली गांव की है.
चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि- सीएम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे को लेकर ‘एक्स’ पर शोक जताया और अपने स्वजनों को खोने वाले परिवारों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की.
11 मृतकों की हुई पहचान
- शर्मिला (16 साल)
- आरती (18 साल)
- दिनेश (16 साल)
- उर्मिला (16 साल)
- गणेश (16 साल)
- किरण (14 साल)
- पातलीबाई (22 साल)
- रेव सिंह (12 साल)
- आयुष (10 साल)
- संगीता (16 साल)
- चंदा (8 साल)
मृतकों में नाबालिक बच्चे भी शामिल
इंदौर (ग्रामीण) रेंज के आईजीपी अनुराग ने बताया कि यह हादसा तब हुआ, जब पंधाना क्षेत्र में दुर्गा देवी की मूर्तियों को विसर्जन के लिए जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली तालाब में पलट गई और उसपर श्रद्धालु भी सवार थे. उन्होंने बताया,‘‘मृतकों में नाबालिग बच्चे शामिल हैं.’’
एसडीआरएफ की टीम बचाव अभियान में उतरी
पुलिस और प्रशासन के साथ ही राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय गोताखोरों की मदद से बचाव अभियान चलाया गया. ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार श्रद्धालु ग्रामीण क्षेत्र के अलग-अलग पंडालों में नवदुर्गा उत्सव के दौरान स्थापित मूर्तियों को तालाब में विसर्जित करने जा रहे थे. इंदौर (ग्रामीण) रेंज के आईजीपी ने बताया, ‘‘हमें पता चला है कि हादसे के बाद पांच-छह श्रद्धालु तालाब से जीवित बाहर आ गए.’’ हादसे के कारण का पता लगाया जा रहा है.
ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 30 श्रद्धालु थे सवार
इस बीच, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ओ पी जुगतावत ने बताया कि हादसे में घायल तीन लोगों को तालाब से बाहर निकाल कर खंडवा के जिला चिकित्सालय भेजा गया है. उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली में करीब 30 श्रद्धालु सवार थे. चश्मदीदों ने बताया कि इस वाहन के तालाब में गिरते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और लोग अपने स्वजनों की तलाश में बदहवास देखे गए. उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई और इनमें से कई लोगों ने बचाव अभियान में मदद की.