मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर दिए बयान पर संत समाज ने समर्थन जताया है. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि संघ में लोग तो बहुत हैं, लेकिन अच्छे लोगों की कमी महसूस हो रही है और कई लोग खुद को संघ से जुड़ा बताते हैं. इस बयान पर अखाड़ा परिषद के नवनियुक्त अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी और अखाड़ा परिषद के मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज ने प्रतिक्रिया दी.

Continues below advertisement

उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े संगठन के विस्तार के साथ अच्छाइयों के साथ कुछ कमियां भी आ जाती हैं. उन्होंने आगे कहा कि संघ के पुराने कार्यकर्ताओं ने त्याग और तपस्या के साथ जीवन जिया है, लेकिन बदलते समय में कुछ कुरीतियां आना स्वाभाविक है. अगर किसी कार्यकर्ता के आचरण से संगठन की छवि प्रभावित होती है तो उसमें सुधार जरूरी है.

महंत रवींद्र पु़री की प्रतिक्रिया

महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि संघ के वरिष्ठ नेतृत्व को शिकायतों पर समय रहते निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि किसी भी विषय को लंबे समय तक लंबित रखने से समस्या बढ़ जाती है. उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय का बयान विरोध की भावना से नहीं बल्कि संगठन के प्रति अपनत्व और सुधार की सोच से दिया गया है. 

Continues below advertisement

वहीं करौली शंकर महाराज ने कहा कि हर संगठन में समय-समय पर चिंतन और आत्ममंथन जरूरी होता है. उन्होंने कहा कि जैसे परिवार में कोई कमी आती है तो परिवार के लोग ही उसे सुधारने का प्रयास करते हैं, उसी तरह संगठन में भी कमियों को दूर कर उसे और मजबूत बनाने की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि संस्कृति और विचारधारा को आगे बढ़ाने वाले संगठनों में सुधार की प्रक्रिया लगातार चलती रहनी चाहिए.

कैलाश विजयवर्गीय ने दिया यह बयान

मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद अधिकारियों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ाव दिखाने की होड़ सी मच गई है.

विजयवर्गीय के इस बयान के बाद कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि प्रशासनिक तंत्र में इस प्रकार की पहचान का चलन बढ़ा है तो यह भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था की निष्पक्षता, तटस्थता और संवैधानिक मर्यादा से जुड़ा गहरा और गंभीर विषय है.

लगती रही 'चपत', देखते रहे चंपत? राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चौंकाने वाले खुलासे