जंतर-मंतर पर चले विरोध प्रदर्शन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार (25 जुलाई) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. इस पर पक्ष-विपक्ष की तरफ से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इसी बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "इस विरोध प्रदर्शन में उनकी क्या भूमिका थी? बच्चे विरोध कर रहे थे और कांग्रेस ने उनके पीछे खड़े हो गई. इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी बस खड़े थे. छात्रों से कहा कि तुम लट्ठ खाओ हमारे तुम्हारे पीछे खड़े हैं. किसी कांग्रेसी ने डंडा खाया."

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बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "बंगाल चुनावों के बाद विपक्ष पूरी तरह निराश था, और उस निराशा के क्षण में उन्हें कॉकरोच जनता पार्टी में आशा की किरण दिखाई दी. मैं धर्मेंद्र प्रधान की तारीफ करूंगा. उन्हें जो भी काम सौंपा जाता है, वे उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करते हैं.

कैलाश विजयवर्गीय ने इस्तीफे पर किया बड़ा खुलासा

कैलाश विजयवर्गीय ने इस्तीफे पर बड़ा खुलासा किया है. आंदोलन के पहले दिन से ही उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से कहा था, "अगर आपको लगता है कि मुझे इस्तीफा देना चाहिए, तो मैं दे दूंगा.' पार्टी अध्यक्ष ने इनकार कर दिया."

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उन्होंने आगे कहा, "लेकिन जब परिस्थितियां ऐसी हो गईं कि पार्टी ने फैसला किया कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, तो उन्होंने पलक झपकते ही ऐसा कर दिया. यही एक अच्छे पार्टी कार्यकर्ता की पहचान है. उनके इस्तीफे ने उन सभी विदेशी ताकतों की योजनाओं का अंत कर दिया है जो देश में हिंसा भड़काना चाहती थीं.

धर्मेंद्र के इस्तीफे को लेकर विजयवर्गीय का बयान

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन सब विदेशी ताकतों को जो देश में बांग्लादेश, श्रीलंका की तरह हिंसा कराना चाहते थे उनके मंसूबे खत्म हो गए. इसलिए मैं मानता हूं कि धर्मेंद्र प्रधान ने जो काम किया है उसके लिए मैं उन्हें बधाई देता हूं.

बता दें कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा पिछले एक महीने से ज्यादा से जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही थी. जिसे सरकार ने शनिवार को मान लिया है. साथ ही सरकार ने आश्वासन भी दिया.