मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दूषित पेयजल मामले को लेकर एक बार फिर विवादों में आ गए हैं. इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में फैले दूषित पानी से डायरिया के प्रकोप पर जब मीडिया ने सवाल पूछे. मंत्री अपना आपा खो बैठे और कैमरे के सामने आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल कर दिया. बाद में विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने बयान के लिए खेद भी जताया.
भागीरथपुरा क्षेत्र विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दूषित पानी पीने से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 212 लोग बीमार हुए हैं. इनमें से 50 मरीज इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं. इस गंभीर स्थिति को लेकर मीडिया ने मंत्री से सवाल किए थे.
विजयवर्गीय के आपत्तिजनक शब्दों का वीडियो वायरल
जानकारी के अनुसार, शुरुआत में विजयवर्गीय शांत होकर सवालों के जवाब दे रहे थे, लेकिन जब उनसे यह पूछा गया कि निजी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों के बिल का भुगतान क्यों नहीं हुआ और पीने के साफ पानी की व्यवस्था अब तक क्यों नहीं हो सकी, तो वह नाराज हो गए. इसी दौरान उन्होंने एक पत्रकार से बहस करते हुए आपत्तिजनक शब्द कह दिया. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
गलत शब्दों को लेकर विजयवर्गीय ने जताया खेद
विवाद के बाद विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि वह और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए हालात सुधारने में लगे हैं. उन्होंने कहा कि दूषित पानी से उनके क्षेत्र के लोग पीड़ित हैं और कुछ लोगों की मौत भी हुई है. इसी दुख और तनाव में उनसे गलत शब्द निकल गए, जिसके लिए वह खेद प्रकट करते हैं.
विजयवर्गीय का इस्तीफा लेने की जीतू पटवारी ने की मांग
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस वीडियो को साझा कर मंत्री पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जहरीले पानी से मौतें बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार जिम्मेदारी लेने के बजाय सवाल पूछने वालों से बदतमीजी कर रही है. पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से विजयवर्गीय का इस्तीफा लेने की मांग की है.
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