Jagadguru Rambhadracharya on CDS Upendra Dwivedi: थल सेना के प्रमुख CDS उपेंद्र द्विवेदी ने चित्रकूट जाकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आशीर्वाद लिया. रामभद्राचार्य से मुलाकात कर उन्होंने आध्यात्मिक चर्चा की. इसके बाद न्यूज एजेंसी एएनाई से बात करते हुए गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि उन्होंने आर्मी सेना के चीफ को 'राम मंत्र' की शिक्षा दी है. इसी शिक्षा के साथ हनुमान जी ने रावण की लंका पर विजय प्राप्त की थी.
चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी को लेकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा, "वे मेरे पास चित्रकूट आए थे. उन्होंने मुझसे जो दीक्षा ली, वही दीक्षा मां सीता ने हनुमान को दी थी. सीता जी से दीक्षा लेने के बाद भगवान हनुमान ने लंका पर विजय प्राप्त की थी. यही दीक्षा मैंने उन्हें भी दी है और दक्षिणा के रूम में मैंने उनसे पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) की मांग की है. मुझे दक्षिणा में और कुछ नहीं चाहिए."
'तुम शस्त्र से लड़ो, मैं शास्त्र से लड़ूंगा'जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने सीडीएस उपेंद्र द्विवेदी से कहा कि भारतीय सेना शस्त्रों के साथ दुश्मनों से लड़ती रहे और वे खुद शास्त्र के साथ लड़ेंगे. उन्होंने कहा कि अब आतंक के अड्डों को पूरी तरह से ध्वस्त करने का समय आ गया है और जल्द ही भारत माता का ध्वज पीओके में लहाराया जाए, यही कामना है.
जानकारी के लिए बता दें कि थल सेनाध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ चित्रकूट पहुंचे थे, जहां तुलसी पीठ स्तित कांच मंदिर में उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात की. इस दौरान सीडीएस ने जगद्गुरु से दीक्षा भी ली और फिर नेत्र चिकित्सालय का अवलोकन किया. इतना ही नहीं, सद्गुरु सेवा ट्रस्ट में पद्मश्री डॉ. बीके जैन ने सीडीएस उपेंद्र द्विवेदी का अभिनंदन किया. गुरु रामभद्राचार्य को सीडीएस उपेंद्र द्विवेदी ने स्मृति चिन्ह भेंट किया और उनके सेवा कार्यों की सराहना की.
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