Madhya Pradesh News: इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) सरहद पर चीन को तकनीकी मोर्चे पर मात देने के लिए तकनीकी कौशल हासिल कर रही है. इसके लिए आईटीबीपी को जबलपुर (Jabalpur) स्थित एशिया के सबसे पुराने टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर में एक खास ट्रेनिंग दी जा रही है.
जबलपुर में ट्रेनिंग का पहला सेशनएडवांस ट्रांसमिशन और ऑप्टिकल फाइबर तकनीक से कम्यूनिकेशन (Communication) की फील्ड में बॉर्डर पर कैसे चीन को मात दी जाए. इसकी टेक्निकल ट्रेनिंग जबलपुर के बीआरटीटीसी यानी डॉ भीमराव अंबेडकर टेलीकॉम ट्रेनिंग सेंटर में शुरू हुई है. 10 दिनों की इस खास ट्रेनिंग की शुरुआत सोमवार से की गई है. इसमें आईटीबीपी के असिस्टेंट कमांडडेंट डीपी कुलश्रेष्ठ और आईटीबीपी के चुनिंदा ट्रेनर्स शामिल हुए. ट्रेनिंग के पहले सेशन का उद्घाटन जबलपुर के एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने किया.
दी जाएगी अत्याधुनिक ट्रेनिंगबीआरटीटीसी के प्रधान महाप्रबंधक डॉ मनीष शुक्ला के मुताबिक आईटीबीपी के इन ट्रेनर्स को अगले 10 दिनों तक एडवांस ट्रांसमिशन एंड ऑप्टिकल फाइबर पर अत्याधुनिक ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे वो बॉर्डर पर काम करने वाले स्टाफ के साथ मिलकर तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रख सकेंगे.
रणनीतिक मोर्चे पर ये ट्रेनिंग अहमयहां बता दें कि बॉर्डर पर आईटीबीपी को अपना कम्यूनिकेशन गोपनीय रखने की बड़ी चुनौती से जूझना होता है. दरअसल चीन की तरफ से लगातार कम्यूनिकेशन इंटरसेप्ट करने की कोशिशें की जाती है. ऐसे में सरहद पर चीन से निपटने के लिए तकनीकी और रणनीतिक मोर्चे पर ये ट्रेनिंग अहम होने जा रही है.
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