इंदौर में गंदे पानी से मौत के मामले में सरकार ने शुक्रवार (2 जनवरी) को अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की. स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया है कि गंदे पानी से अब तक सिर्फ चार मौतें हुई हैं. जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 6 जनवरी को सुनवाई की अगली तारीख तय की. कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट का अवलोकन किया और आगामी सुनवाई में विस्तृत जवाब देने के संकेत दिए हैं.

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बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने क्या कहा?

वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनाणी ने कहा कि भागीरथपुरा में पिछले चार दिन पहले जो दूषित पानी को लेकर हादसा हुआ है, हाईकोर्ट में लगी याचिका पर आज सुनवाई थी. कोर्ट ने शासन से स्टेटस रिपोर्ट मंगवाई थी कि कितने लोगों की मृत्यु हुई हर और कितने लोग गंभीर रूप से हॉस्पिटल में भर्ती हैं. उसकी रिपोर्ट आज कोर्ट के समक्ष पेश की गई जिसकी बहस के लिए 6 जनवरी 2026 की तारीख तय की गई है. स्टेटस रिपोर्ट में शासन द्वारा 4 लोगों की मौत बताई गई है लेकिन मौतों का आंकड़ा लगभग 8 से 15 का है. उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से कई बीमार हॉस्पिटल में अभी भी भर्ती है. मुआवजे के चेक की डिटेल भी नहीं दी है.

मौत का आंकड़ा कितना?

इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है. वहीं, स्थानीय लोगों ने इस प्रकोप से 6 महीने के बच्चे समेत 14 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है. इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है. 

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भार्गव ने कहा,‘‘स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप से चार लोगों की मौत हुई है. हालांकि, मुझे इस प्रकोप के कारण 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है.’’ 

भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के नमूनों की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर इस इलाके में हैजा फैलने के संदेह पर मेयर ने कहा कि इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ही जानकारी दे सकता है. 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने गुरुवार (1 जनवरी) को बताया था कि शहर के एक चिकित्सा महाविद्यालय की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा में पाइपलाइन में लीकेज के कारण पेयजल दूषित हुआ था.