मध्य प्रदेश के भगीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से हुई मौतों ने इलाके में खौफ और चिंता पैदा कर दी है. कम से कम चार लोगों की मौत और सैकड़ों लोग बीमार होने की खबर सामने आई है. मृतक अरविंद लिखार के भाई अनिल लिखार ने बताया कि उनके भाई को काम से लौटने के बाद उल्टी शुरू हो गई थी और वह लगातार बीमार रहे.
अनिल ने एएनआई से कहा कि रविवार को वह काम से लौटे और लगातार उल्टी कर रहे थे. बुधवार को मुझे दुकान में फोन आया कि उनकी तबीयत खराब है. हम उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
अब तक 201 मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में पानी दूषित पाया गया है. हमने 13 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया है. हमारी टीम घर-घर जाकर लोगों में लक्षणों की जांच कर रही है. सभी जगह क्लोरीन की गोलियां वितरित की जा रही हैं. कुल मिलाकर अब तक 201 मरीज सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि 71 को छुट्टी दी जा चुकी है.
सभी मरीजों का अस्पताल में मुफ्त होगा इलाज
वर्मा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देगी. मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, सभी मरीजों का मुफ्त इलाज किया जाएगा और यदि किसी ने पैसे जमा किए हैं, तो उन्हें वापस किया जाएगा. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है. आयोग ने कहा कि स्थानीय लोग कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की. आयोग ने मध्य प्रदेश मुख्य सचिव से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को स्थिति की समीक्षा करने और राहत कार्यों में तालमेल बिठाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे, शहरी विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव, संभागीय आयुक्त सुदाम खाड़े, जिला कलेक्टर शिवम वर्मा और इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार शामिल हुए.
प्रभावित परिवारों की हर संभव की जाएगी मदद- विजयवर्गीय
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उच्चस्तरीय बैठक की और राहत कार्यों का समन्वय किया. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रभावित इलाके का दौरा कर परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया. उन्होंने बताया कि कुल 1400 लोग बीमार हुए, जिनमें से 200 को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. सभी मरीजों की स्थिति नियंत्रण में है. स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और संक्रमित लोगों का समय पर इलाज सुनिश्चित कर रहे हैं.
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