MP News: इंदौर के महू में हालात अब सामान्य हो रहे हैं. विवाद को भुलाकर दोनों पक्ष नई शुरुआत करना चाहते हैं. हिंसक घटना के दूसरे दिन महू में कारोबार शुरू हो गया है. रविवार की रात चैंपियंस ट्रॉफी जीत के जश्न में प्रशंसकों ने रैली निकाली थी. जीत की खुशी में निकली रैली जामा मस्जिद के पास पहुंची. आरोप है कि भीड़ ने नारे लगा दिए. नारेबाजी के बाद मौके पर विवाद पैदा हो गया. मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई.

पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया. दुकानों और गाड़ियों में आगजनी का वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में देखा जा सकता है कि तोड़फोड़ करते हुए आग लगाई जा रही है. स्थानीय मनीष ने बताया कि पिछले 15 सालों से दुकान चला रहे हैं. साथ में शरीफ भाई भी हैं. हम सब मिलकर व्यापार करते हैं. कुछ लोग नहीं चाहते कि सद्भावना बनी रहे. दुकानदार शरीफ ने भी हिंसा की घटना को गलत बताया. उन्होंने मांग की कि निष्पक्ष तरीके से पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए. वीडियो के आधार पर सख्त एक्शन लिया जाना चाहिए.

इंदौर के महू में कैसे हैं हालात

सब्जी मार्केट में चूड़ी की दुकान चलाने वाली शहनाज बानो का कहना है कि रमजान का महीना चल रहा है. हम लोग नमाज पढ़ रहे थे. तभी मस्जिद की तरफ से नारेबाजी करते हुए लोगों ने दुकान में तोड़फोड़ की और बाहर खड़ी गाड़ी में आग लगा दी. हिंसक घटना में काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा, "12 साल पुरानी दुकान है. आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ. हम डर कर घर चले गए थे. अंदर सुतली बम फेंके जाने की वजह से धुंआ हुआ. हम घर छोड़कर बाहर निकले. विधायक उषा ठाकुर भी आई थीं. उन्हें भी बताया हमारा नुकसान हुआ है. उन्होंने घटना को अंजाम देने वालों का नाम पूछा."

शिकायतकर्ता गजराज कौशल का कहना है कि हम लोग चौराहे पर खड़े थे. दूसरी ओर से 20 -25 लोगों के जत्थे ने पथराव शुरू कर दिया. पत्थर लगने की वजह से पैर और कंधे में चोट आई. भतीजे भी घायल हुआ है. किसी ने पेट्रोल बम में फेंका. मेरा एक का हाथ जल गया. हम चाहते हैं कि आरोपी के अवैध मकानों को तोड़ा जाए. मेरी तीन बसों में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया गया है. 17 लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज करवाई है."

नारेबाजी के बाद भड़ी हिंसा

घायल रितेश सोलंकी ने बताया कि हम रैली निकाल रहे थे. जमा मस्जिद के सामने करीब 300- 400 लोगों ने रोक कर नारेबाजी करने से रोका. पत्थराव में मेरा हाथ फैक्चर हुआ है. मो सोहेल ने बताया कि जुलूस के पहले हमारी बंद दुकान में आग लगा दी गई. सूचना मिली थी कि दुकान से धुआं निकल रहा है. फायर ब्रिगेड ने शटर उठाकर आग बुझाई. आज पूरी दुकान आग में जल चुकी है. आगजनी में करीब 7 से 8 लाख रुपये के माल का नुकसान हुआ है.

एमजी रोड स्थित घड़ी के दुकान मालिक मो साजिद की गाड़ी को भी जलाया दिया गया था. उन्होंने कहा, "दुकान बंद करने के बाद हम रोजा इफ्तार का फल लेने गए थे. इसी दौरान असामाजिक तत्व धार्मिक नारे लगाने लगे. गए हम एक दुकान में फंस गए. दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया. हमारे साथी ने फोन पर बताया कि आपकी दो गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई है. वीडियो भी हमारे पास है. पुलिस को शिकायत करने गए थे.

दो घंटे थाने पर बैठने के बाद पुलिस ने बोला कि अभी सर्वर नहीं चल रहा है. एक ही रिपोर्ट में जोड़ने की बात कहकर हमें घर भेज दिया गया. हम आरोपियों के नाम बता रहे थे. पुलिस ने नामजद रिपोर्ट लिखने से साफ मना कर दिया. अभी तक पुलिस ने कुछ भी नहीं किया है." डीआईजी निमिष अग्रवाल ने बताया कि हिंसक घटना की अभी तक 8 एफआईआर दर्ज की गई है. दोनों पक्षों की तरफ से रिपोर्ट आई है. 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

उन्होंने कहा कि 50 के करीब नामजद आरोपी बनाए गए हैं. अज्ञात को चिन्हित कर लिया गया है. मारपीट, बलवा सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है. हिंसा के बाद स्थिति सामान्य है. सोशल मीडिया पर पुलिस नजर रख रही है. उन्होंने लोगों से किसी के बहकावे में नहीं आने की अपील की. मुस्लिम समाज की तरफ से रिपोर्ट दर्ज करने के आरोप का उन्होंने खंडन किया. डीआईजी ने बताया कि हिंसा का वीडियो सामने आया है. 

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