इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से हुई लोगों की मौतों के बाद, मध्य प्रदेश के सबसे साफ शहर कहे जाने वाले इंदौर की साफ-सफाई की व्यवस्था कटघरे में आ गई है. शहर की वह तस्वीर, जिसे देश के सामने दिखाया जाता है, उस पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं.
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की गलियों में गंदगी फैली पड़ी है. आम लोग गंदगी से परेशान हैं और उनका दावा है कि बाहरी चमक-दमक दिखाकर शहर को सबसे साफ-सुथरा बताया जाता है, लेकिन इन गलियों में गंदगी की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं होती, ना ही यहां कोई कभी सर्वे करने आता है.
गोमती रावत बनीं सबसे पहली शिकार!
इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में रहने वाली गोमती रावत दूषित पानी की सबसे पहली शिकार बनी थीं. गोमती रावत की मौत 26 दिसंबर को हो गई थी. दूषित पानी पीने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें शहर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. उनकी मौत के बाद परिवार में मातम है. बेटी रचना रावत कहती हैं कि सरकार आर्थिक मदद देने की बात कह रही है, लेकिन उससे उनकी मां वापस तो नहीं आएगी.
इंदौर के भागीरथपुरा में रहने वाली तारा कोरी की तबीयत दूषित पानी पीने की वजह से अचानक बिगड़ गई. तारा के बेटे अनिल कोरी ने बताया कि अचानक उनकी मां की तबीयत इतनी बिगड़ी कि उन्हें उल्टियां और लूज मोशन हुए. सब कुछ इतनी जल्दी हुआ कि परिवार उन्हें अस्पताल तक नहीं ले जा सका और उनकी मौत हो गई. अनिल की मां अब दुनिया से जा चुकी हैं. अनिल के पास अब उनकी यादें और आंखों में आंसू बचे हैं.
दिखावा तो बहुत अच्छा है- स्थानीय लोग
ABP न्यूज जब ग्राउंड जीरो पर पहुंचा तब वहां के लोगों ने बताया कि शहर के आंकड़े बाहरी सफाई के आधार पर रिकॉर्ड कर लिए जाते हैं. अगर हम शिकायत दर्ज करें तो वो आते हैं एक डंडी घुमा कर चले जाते हैं. मकानों के बीच गंदे नालों जैसी गलियों पर पर्दा करने के लिए वहां के स्थानीय लोगों ने एक गेट बना दिया है जिससे कोई वहां जा न सके.
वहीं एक और स्थानीय ने कहा कि दिखावा तो बहुत अच्छा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है, लगभग सारी गलियों का वही हाल है. उन्होंने बताया कि ये हालात आज से नहीं बल्कि सदियों से बने हुए हैं.
जिम्मेदार होगा, बख्शा नहीं जाएगा – कैलाश विजयवर्गीय
कैलाश विजयवर्गीय ने बात करते हुए कहा कि यह बेहद दुखद घटना है. जो भी जिम्मेदार होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. हमारी जिम्मेदारी है कि पीड़ित परिवारों तक जाएं और सभी की मदद करें. मौत के अलग-अलग आ रहे आंकड़ों को लेकर उन्होंने कहा कि हां, यह सही बात है कि मौत के आंकड़े अलग-अलग आ रहे हैं, लेकिन जितने लोगों की जान गई है, सबकी मदद की जाएगी. यह हमारी जिम्मेदारी है.
दोषियों को भी बख्शा नहीं जाएगा
ABP News से बातचीत में भागीरथपुरा के बीजेपी पार्षद कमल बाघेला ने भी प्रशासन द्वारा ढिलाई की बात कही है. उन्होंने कहा, "मैंने तीन साल पहले दूषित पानी को लेकर शिकायत की थी. मैंने छह माह पहले भी लिखित में शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया. यह सिस्टम की लापरवाही है."