मध्य प्रदेश के इंदौर के अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में बीजेपी से जुड़े नेता और संघ समर्थकों के बीच में विवाद का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि शनिवार (6 जून) देर रात कुत्ते को खाना देने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने बड़ा रूप ले लिया. यहां बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे और संघ से जुड़े चेतन नाम के व्यक्ति के बीच में विवाद हुआ था. बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे के समर्थकों पर चेतन के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है.  

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इसके बाद चेतन समेत संघ के अन्य समर्थकों ने रविवार को अन्नपूर्णा थाना में वीरेंद्र शेडगे के खिलाफ FiR दर्ज करने की मांग की. अब यह मामला  राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों चर्चा का विषय बन गया है. वहीं,  बीजेपी नेता वीरेंद्र शेडगे ने भी मामले की शिकायत दर्ज कराई है और आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने उनके घर पर पथराव किया है.

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संघ से विवाद के बाद शेडगे पर संगठन की कार्रवाई

इस मामले में पुलिस ने चेतन का मेडिकल टेस्ट करवाया है. पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोपों के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच कर ही है. यह मामला जब प्रदेश संगठन तक पहुंचा तो विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ के समर्थन पर इंदौर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने वीरेंद्र शेडगे के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की है. नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेडगे को सभी पदों और जिम्मेदारियों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है.

शेडगे विधानसभा 4 में बीजेपी के प्रभारी के रूप कार्यरत थे. इसके अलावा शेडगे को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर अपना पक्ष रखते हुए पूरे मामले पर जवाब पेश करने के निर्देश जारी किए हैं. बता दें कि यह वही बीजेपी नेता है जिन्होंने एक महीना पहले ट्रैफिक पुलिस से विवाद के बाद महू नाका चौराहे पर जमकर हंगामा किया था. इसके बाद कई पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गये थे. 

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