Indore News: इंदौर के बीजेपी विधायक के बेटे और उसके साथियों ने रात 1 बजे देवास के टेकरी माता मंदिर पहुंचकर उसे खुलवाने के लिए पुजारी जी के बेटे के साथ मारपीट की थी. अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मंदिर के पुजारी को धमकाने और मारपीट के मामले में कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
जानकारी के अनुसार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का रविवार (13 अप्रैल) को भोपाल-इंदौर हाईवे पर सीहोर जिले के कांग्रेस नेताओं ने स्वागत किया. इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने देवास की घटना के मामले में स्पष्ट कहा है कि मंदिर के पुजारी जी द्वारा एफआईआर कराई गई है. इसके आधार पर पुलिस को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
दिग्विजय सिंह ने घटना की कड़ी निंदा भी की
दिग्विजय सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा भी की है. बता दें कि देवास स्थित मां चामुंडा टेकरी मंदिर पर शुक्रवार की आधी रात को इंदौर के बीजेपी विधायक के बेटे ने समर्थकों के साथ उत्पात मचाया था. जानकारी के मुताबिक वे सभी कारों का काफिला लेकर पहुंचे और देर रात जबरदस्ती मंदिर खुलवाया. जिसके बाद विपक्षी पार्टी ने इस घटना की कड़ी आलोचना की.
BJP का विधायक के बेटे के खिलाफ आरोपों से इनकार
हालांकि, सत्तारूढ़ दल ने विधायक के बेटे के खिलाफ आरोपों से इनकार किया और कहा कि घटना से संबंधित मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. पुलिस ने पहले बताया था कि शुक्रवार-शनिवार की रात मंदिर बंद होने के बाद लोगों के एक समूह ने जबरन प्रवेश किया और अंदर जाने से मना करने पर पुजारी की कथित तौर पर पिटाई भी की गई. पुलिस ने शनिवार को एक मामला दर्ज किया, जिसमें विधायक के बेटे का नाम नहीं था.
जीतू पटवारी का बीजेपी पर आरोप
सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है जिसमें कुछ गाड़ियां देवास शहर में एक पहाड़ी पर स्थित मंदिर परिसर में प्रवेश करते दिख रहे हैं.इस घटना पर कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया, ‘‘सत्ता की ठसक अब बीजेपी नेताओं के ‘वंश-वृक्ष’ में उग आई है. देवास के चामुंडा माता मंदिर पहुंचे इंदौर विधायक गोलू शुक्ला के बेटे ने लाल बत्ती लगी कारों के काफिले से उतरकर पुजारी को पीट दिया क्योंकि वह बंद देवी मंदिर को खोलकर दर्शन नहीं करवा रहा था.’’