मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और उसमें की गई नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए हैं. रीवा में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक और राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के प्रशासन के लिए ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, जिसे प्रशासनिक कार्यों का लंबा अनुभव हो.

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दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि फाइटर जेट उड़ाने वाले व्यक्ति की जगह रिटायर्ड सेक्रेटरी स्तर के किसी अधिकारी को CEO बनाया जाना अधिक उचित होता, क्योंकि ऐसे अधिकारी को प्रशासनिक व्यवस्था चलाने का अनुभव होता है.

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ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को लेकर दिग्विजय सिंह ने रखी राय

दिग्विजय सिंह ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष को लेकर भी अपनी राय रखी. दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस पद पर CAG के किसी सेवानिवृत्त अधिकारी को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए, ताकि वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.

पूर्व मुख्यमंत्री ने ट्रस्ट की संरचना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर उसमें साधु-संतों को शामिल किया जाना चाहिए. उन्होंने विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों को ट्रस्ट में शामिल किए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में धार्मिक संतों की भूमिका अधिक होनी चाहिए.

राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ ने संभाली कमान

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) और भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने मंगलवार (8 सितंबर) को अयोध्या पहुंचकर अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली.

पदभार संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और इसके बाद तीर्थ क्षेत्र भवन पहुंचकर मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं और अधिकारियों के साथ कामकाज शुरू किया. ट्रस्ट ने जितेंद्र मिश्रा के लिए मंदिर के समीप ही एक भवन में आवास की व्यवस्था की है.

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