दतिया विधानसभा उपचुनाव की 3 अगस्त को होने वाली मतगणना से पहले कांग्रेस में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह और पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए हैं, जिससे जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है.
विवाद की शुरुआत उस बयान से हुई, जिसमें पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने कहा कि 'घनश्याम सिंह हमारी बनाई हुई राजनीतिक पिच पर बल्लेबाजी कर रहे हैं.' इस बयान के बाद कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में राजेंद्र भारती पर चुनाव के दौरान पार्टी के खिलाफ काम करने, बीजेपी नेताओं से मिलकर भीतरघात करने और आर्थिक लाभ लेकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए.
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घनश्याम सिंह ने राजेंद्र भारती को लेकर किया ये दावा
घनश्याम सिंह का दावा है कि राजेंद्र भारती के प्रभाव वाले कई कार्यकर्ता चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में सक्रिय नहीं रहे, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी की ओर से आर्थिक सहयोग लेकर उनके समर्थकों के माध्यम से धन वितरण कराया गया.
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर राजेंद्र भारती के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाए.
आरोपों पर राजेंद्र भारती का पलटवार
इन आरोपों पर पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने भी तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी से सांठगांठ के आरोप पूरी तरह निराधार हैं. भारती ने उल्टा आरोप लगाया कि कुंवर घनश्याम सिंह हर चुनाव में बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का साथ देते रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि उनके पास इसके पर्याप्त सबूत हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर पार्टी आलाकमान के सामने पेश किया जाएगा.
राजेंद्र भारती ने यह भी कहा कि दतिया में कांग्रेस की राजनीतिक जमीन संघर्षशील कार्यकर्ताओं ने तैयार की है और आज उसी का लाभ उठाया जा रहा है. गौरतलब है कि राजेंद्र भारती की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में दोषसिद्धि के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी. इसी कारण दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कराया गया है.
फिलहाल दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से सामने आए आरोप-प्रत्यारोप ने मतगणना से पहले कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है. हालांकि, दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. अब सभी की नजरें 3 अगस्त को होने वाली मतगणना के साथ-साथ कांग्रेस नेतृत्व की संभावित प्रतिक्रिया पर भी टिकी हैं.
