दतिया विधानसभा उपचुनाव की चुनावी हलचल अब तेज होती जा रही है. गुरुवार को नामांकन प्रक्रिया के चौथे दिन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रत्याशी दामोदर सिंह यादव ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर इस उपचुनाव का पहला औपचारिक नामांकन किया. उनके साथ उनके भाई केशव यादव भी मौजूद रहे. दामोदर सिंह यादव इस चुनाव में 'केतली' चुनाव चिन्ह पर अपनी किस्मत आजमाएंगे.

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दामोदर सिंह यादव दतिया कलेक्ट्रेट स्थित तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र जमा किया. उनके नामांकन के साथ ही दतिया उपचुनाव की चुनावी गतिविधियां और तेज हो गई हैं. अब दूसरे दलों के उम्मीदवारों के नामांकन पर भी सबकी नजर बनी हुई है.

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कलेक्ट्रेट परिसर में रही कड़ी सुरक्षा

नामांकन प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे. निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक केवल उम्मीदवार और अधिकृत लोगों को ही परिसर में प्रवेश दिया गया. समर्थकों और कार्यकर्ताओं को मुख्य गेट पर ही रोक दिया गया. पूरे परिसर में पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त दिखाई दी.

शुक्रवार को डॉ. नरोत्तम मिश्रा के नामांकन की चर्चा

अब राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के संभावित नामांकन की है. माना जा रहा है कि वह शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं. उनके नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने की संभावना है. इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी तैयारियां तेज कर दी हैं.

फिलहाल कांग्रेस और भाजपा की ओर से अपने अधिकृत प्रत्याशियों की औपचारिक घोषणा का इंतजार है. हालांकि, चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है और राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं.

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आने वाले दिनों में जैसे-जैसे नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, दतिया विधानसभा उपचुनाव का मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है. सभी की नजर अब प्रमुख दलों के उम्मीदवारों और उनके चुनावी अभियान पर टिकी हुई है.