मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में राजनीतिक सरगर्मी उस समय हिंसक मोड़ पर पहुंच गई, जब बीजेपी और कांग्रेस के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए. दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के जवाब में बीजेपी का देशव्यापी आक्रोश छिंदवाड़ा की सड़कों पर भी फूट पड़ा. इस दौरान शहर का हृदय स्थल रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और पुलिस प्रशासन की तमाम सुरक्षा व्यवस्थाएं धराशायी होती नजर आईं.

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सुरक्षा घेरा तोड़कर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता

घटना की शुरुआत उस समय हुई जब भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कांग्रेस के जिला कार्यालय 'राजीव भवन' का घेराव करने निकले. इसी दौरान रैली में बीजेपी जिला अध्यक्ष भी कार्यकर्ताओं के साथ बेरिगेड के तरफ बढ़े तब पुलिस टीम ने रोका इसी दौरान जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के साथ पुलिस की हल्की फुल्की धक्का मुक्की हुई.इसके बाद समर्थकों ने विरोध किया.

प्रशासन ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे इलाके में 150 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की थी और तीन अलग-अलग स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग की थी. हालांकि, आक्रोशित बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की करते हुए एक के बाद एक तीनों बैरिकेड्स तोड़ दिए और सीधे कांग्रेस कार्यालय के मुख्य गेट तक जा पहुँचे. बीजेपी का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर राहुल गांधी और कांग्रेस ने देश की छवि को धूमिल करने का "राष्ट्रविरोधी कृत्य" किया है, जिसके विरोध में उन्होंने राहुल गांधी का पुतला फूंका.

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कांग्रेस का पलटवार और लाठीचार्ज के आरोप

बीजेपी के इस उग्र प्रदर्शन के जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ता भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने कार्यालय के भीतर और बाहर मोर्चा संभालते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी भिड़ंत हुई, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. 

कांग्रेस नेता जय सक्सेना ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ने जानबूझकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित किया और कार्यालय के भीतर घुसकर अभद्रता की. उन्होंने सवाल उठाया कि पिछले 25 वर्षों से प्रदेश में बीजेपी की सरकार है, लेकिन छिंदवाड़ा में ऐसी दमनकारी कार्रवाई पहले कभी नहीं देखी गई.

प्रशासन ने क्या कहा?

मामले पर सफाई देते हुए एडिशनल कलेक्टर धीरज सिंह ने बताया कि पुलिस ने अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी मुस्तैदी बरती थी. उन्होंने लाठीचार्ज की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि दोनों पक्षों को समय रहते रोका गया और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद अब कोतवाली थाने में प्राप्त शिकायतों की जांच की जा रही है. 

बीजेपी का भी आया बयान

दूसरी ओर, बीजेपी जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने इस प्रदर्शन को गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं में देश के सम्मान को लेकर भारी जोश था. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी बीजेपी का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगे हैं, जिसके कारण कांग्रेस का पतन निश्चित है.