मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने जाति को लेकर ऐसा बयान दिया है जो चर्चा में आ गया है. सागर में परशुराम जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में भार्गव ने कहा कि जाति के सामने पार्टी कुछ नहीं होती, जो हैसियत आजादी से पहले ब्राह्मणों की थी अब वो अब नहीं रही. 

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गोपाल भार्गव रहली विधानसभा से 9 बार के विधायक है और नेता प्रतिपक्ष व मंत्री भी रह चुके हैं. जाति को लेकर उन्होंने जो बयान दिया अब वो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. बीजेपी नेता ने कहा कि आज के वक्त में हम यह नहीं कहते हैं कि आजादी बंदूक की नली से निकलती है क्योंकि हम आजाद हैं. लेकिन नौकरी, रोजगार, संपन्नता ये सब आपके वोट से निकलता है इसलिए सारे हमारे बंधुओं के लिए एकजुट होना जरूरी है.

गोपाल भार्गव के बयान से सियासी हलचल

बीजेपी नेता ने कहा कि मैंने अनेकों समाजों के बारे में देखा है कि खूब पार्टियों में बड़े पदों पर रहेंगे. लेकिन, जब उनकी जाति का आदमी खड़ा होगा. समाज का आदमी खड़ा होगा तो वह कितना ही निष्ठावान क्यों न हो अपनी पार्टी के व्यक्ति की तरफ ही जाएगा. भले ही वह खुलकर प्रचार ना करे, लेकिन अंदर-अंदर प्रचार करके उसको जिताने का काम करेगा. 

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जाति के सामने फिर पार्टी कुछ नहीं रह जाती, जो स्थिति भारत में आजादी के बाद ब्राह्मणों की थी, 1947 में जो हैसियत थी अब वो नहीं रही. उन्होंने कहा कि इस बात से यह नहीं लगना चाहिए कि हम कोई वर्ग संघर्ष की बात कर रहे हैं, हम अपने जीवन को ऊंचा उठाने के प्रति संघर्ष की बात कर रहे हैं. 

हमें अच्छे से रहने का अधिकार मिले, हमें दो समय के भोजन की व्यवस्था हो जाए, हमारे बच्चे ठीक से पढ़ने जाएं. बीमार हों तो ठीक से इलाज हो जाए. जो भी जीवन की तमाम आवश्यकताएं होती हैं वह मिलें। इस बात की चर्चा अपने समाज में जाकर नहीं करेंगे तो और कहां करेंगे.