मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया. कोतमा बस स्टैंड के समीप स्थित बहुमंजिला (तीन/चार मंजिला) 'अग्रवाल लॉज' की बिल्डिंग अचानक भरभरा कर ढह गई. इस खौफनाक हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. बिल्डिंग के मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते इलाके में भारी दहशत और अफरातफरी का माहौल है.

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जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार शाम लगभग 5:30 बजे हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अग्रवाल लॉज के ठीक बगल में अंडरग्राउंड (बेसमेंट) निर्माण का कार्य चल रहा था. आशंका जताई जा रही है कि इसी गहरी खुदाई के कारण लॉज की नींव कमजोर हो गई और पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई. बिल्डिंग के गिरने से आसपास की कई छोटी दुकानें भी मलबे की चपेट में आ गई हैं.

1 की मौत, 8-10 लोगों के दबे होने की आशंका

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान पर खेलकर बचाव कार्य शुरू किया. मलबे से अब तक 3 लोगों को निकाला जा चुका है, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि दो लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है. अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) मोती उर रहमान के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी 8 से 10 लोगों के दबे होने की आशंका है.

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थाना प्रभारी पर फोन न उठाने का आरोप

इस भयावह हादसे के बीच स्थानीय पुलिस और प्रशासन के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. पत्रकारों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद कोतमा थाना प्रभारी को कई बार फोन लगाया गया, लेकिन दो बार घंटी बजने के बावजूद उन्होंने फोन का कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया. इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई. शुरुआती दौर में मौके पर प्रशासन का अमला नहीं पहुंचने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया.

युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी

फिलहाल घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा है. स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीमों की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य (Rescue Operation) जारी है. प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसी जिंदगियों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है.