मध्य प्रदेश के आगर मालवा से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां काम के दौरान अटैक आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई. मगर सबसे हैरानी की बात ये रही कि कर्मचारी दर्द से छटपटाता रहा और मालिक समेत वहां मौजूद दूसरे कर्मचारी तमाशबीन बने खड़े रहे. अब पूरी घटना का वीडियो वायरल हुआ है.
पूरा मामला आगर मालवा जिले के सुसनेर स्थित तिरुपति ट्रेडर्स का बताया जा रहा है. सोमवार (6 अक्टूबर) को यहां काम कर रहे कर्मचारी रफीक को अचानक सीने में दर्द हुआ और वह कुर्सी पर गिर पड़ा. करीब 6 मिनट तक वह दर्द से तड़पता रहा, मगर किसी ने उसे उठाकर अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई.
सानियत कुर्सी पर बैठी देखती रही तमाशा
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है, फर्म का मालिक कुर्सी पर बैठा है, रफीक कुर्सी पर छटपटा रहा है, और मालिक कभी उसे देखता है, कभी मोबाइल चलाने लगता है. पूरे 6 मिनट के वीडियो में वह एक बार भी उठकर मदद के लिए नहीं गया. कर्मचारी की सांसें टूटती रहीं… और इंसानियत कुर्सी पर बैठी तमाशा देखती रही.
समाज की संवेदनहीनता का है आईना
आखिरकार जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना ने न सिर्फ सिस्टम पर, बल्कि इंसानियत पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. एक शख्स ज़िंदगी और मौत के बीच जूझता रहा…और वहीं बैठे लोग इंसानियत की सारी हदें पार करते रहे. ये सिर्फ एक मौत नहीं… बल्कि एक समाज की संवेदनहीनता का आईना है.
पूरा दृश्य सीसीटीवी कैमरे में है कैद
परिवारजनों का कहना है कि तिरुपति ट्रेडर्स पर काम करने वाले रफीक से दुकान मालिक और उसके बेटे ने उसकी क्षमता से अधिक वजन उठवाकर काम करवाया, जिसके चलते उसे हार्ट अटैक आया. मगर सबसे दर्दनाक बात यह रही कि जब रफीक दर्द से तड़प रहा था, तो मालिक ने उसे मदद दिलाने के बजाय उसके पास बैठकर मोबाइल चलाना जारी रखा. यह पूरा दृश्य सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है.
मदद न करने की लापरवाही से हुई मौत
घटना के बाद क्षेत्र में गुस्से का माहौल है. लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि मदद न करने की लापरवाही से हुई मौत है. आज सैकड़ों लोग थाने पहुंचे और आरोपी व्यापारी व उसके बेटे पर मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. वहीं मृतक रफीक के परिजनों ने कहा है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे चुप नहीं बैठेंगे.