झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों के विधानसभा कूच के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. दरअसल, विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों ने आखिरी बैरिकेड भी तोड़ दिया था. इससे पहले पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल कर के छात्रों को तितर-बितर करने की कोशिश की थी हालांकि छात्रों के हुजूम के आगे पुलिस और प्रशासन की यह रणनीति असफल हो गई.

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इन सबके बीच लाठीचार्ज का शिकार हुए एक छात्र ने कहा कि सरकार ने यह ठीक नहीं है. एक अन्य छात्र ने कहा कि सिर, मुंह, पेट, पैर, हर जगह लाठी मारी जा रही है.

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पीछे के रास्ते से विधानसभा पहुंचे आंदोलित छात्र

कुछ अन्य प्रदर्शनकारी छात्रों ने भी दावा किया है कि पुलिस की लाठी चार्ज में कुछ छात्रों को चोट लगी आई है. एक अन्य छात्र ने कहा कि हम शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे थे, अचानक पीछे से पुलिस आती है और लाठीचार्ज करती है.

'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज में घायल हुए छात्र प्रदर्शनकारी विक्रम कुमार ने कहा कि हेमंत सोरेन, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था. हम शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे. हमने कोई गाली-गलौज भी नहीं की थी. अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. यह ठीक नहीं है.

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जानकारी के अनुसार कुछ छात्र पीछे के रास्ते से झारखंड विधानसभा के करीब पहुंच गए. पुलिस को इस आशय की जानकारी नहीं थी कि छात्र इस रास्ते का प्रयोग भी कर सकते हैं.

लाठीचार्ज के दौरान कुछ छात्रों की पुलिस से हाथापाई भी हो गई. इस लाठीचार्ज को लेकर झारखंड के पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा कि ऐसी स्थिति नहीं आनी चाहिए थी. यह विश्वसनीयता खोने जैसा है. छात्रों पर लाठीचार्ज निंदनीय है.

उधर, रांची के SP (ग्रामीण) गौरव गोस्वामी ने कहा, जब उनमें से कुछ लोगों ने आखिरी बैरिकेडिंग तक पहुंचने की कोशिश की, जहां पहले से ही धारा 163 लागू है, तो हल्का लाठीचार्ज किया गया. लाठी का बहुत कम इस्तेमाल किया गया. हम लगातार छात्रों से बात कर रहे हैं. वे अभी शांत हैं और हम उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं. छात्र कुछ समय के लिए यहीं रुकने पर सहमत हो गए हैं.