झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है. इस बीच देंवेंद्र महतो ने दावा है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और वामदलों की गठबंधन की सरकार छात्रों को झांसा देने की कोशिश कर रही है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता दिवंगत शिबू सोरेन की तस्वीर साथ लेकर एंबुलेंस से विधानसभा जा रहे महतो ने एबीपी न्यूज़ से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि परीक्षा में धांधली की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई करे.
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महतो ने अपने स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए कहा कि मैं अंदर से बहुत कमजोर हो चुका हूं लेकिन ये कंटीले तार देखकर मेरे भीतर बहुत गुस्सा है. प्रशासन को चकमा देकर एंबुलेंस में सवार महतो ने कहा कि युवा को अगर उल्टा करिएगा तो वायु होगा, वायु को रोकने में धरती पर कोई ताकत नहीं है. 9 दिन से भूख हड़ताल पर महतो ने कहा कि मैं हर जगह इसी अंदाज में पहुंचा हूं.
छात्र नेता महतो ने कहा कि अगर ये सरकार सपोर्ट करती तो मैं शायद भूख हड़ताल से उठकर मार्च में नहीं आता. कंटीले तार देखकर मेरी आत्मा रो उठी. मेरी आत्मा वहीं है. मैं अगर मर भी जाऊं तो तब भी मैं ये कहूंगा कि छात्रों की मांग के लिए मैं हमेशा अटल रहूंगा. सीएम सोरेन के पिता शिबू सोरेन की तस्वीर साथ लेने के सवाल पर महतो ने कहा कि अगर सरकार हम छात्रों को संतुष्ट नहीं करती है तो यह सियासी हलचल साल 2029 में देखने को मिलेगा. यह अचानक बदलाव नहीं है. सिस्टम से संघर्ष करते हुए बदलाव होगा.
छात्रों के प्रदर्शन को भारतीय जनता पार्टी का समर्थन मिलने के सवाल पर महतो ने कहा किए देखिए सभी कोई आए. सबका स्वागत है. छात्रों के साथ खड़ा रहे. हम तो कहेंगे कि झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस भी साथ आए.
वो साथ दें और हमारी मांग पूरी होने का क्रेडिट भी ले लें. सरकार द्वारा यह दावा किए जाने पर कि 98 फीसदी मांगे माने जाने के दावे पर महतो ने कहा कि यही दो पर्सेंट सरकार की कुर्सी गिरा सकती है. हमारी दो पर्सेंट मांग में सीबीआई जांच और सीजीएल रद्द करने की मांग है.
