रांची में छात्रों के खिलाफ पुलिस के बल प्रयोग को लेकर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी हमलावर है. झारखंड बीजेपी के चीफ आदित्य साहू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि झारखंड की सरकार में कांग्रेस सहयोगी है. राहुल गांधी सुविधा की राजनीति करते हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को झारखंड सरकार से बात करनी चाहिए कि वो छात्रों की सीबीआई जांच की मांग को मांग ले. अगर झारखंड सरकार ऐसा नहीं करती है तो राहुल गांधी अपना समर्थन वापस ले लें.

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रांची में मंगलवार (11 अगस्त) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए झारखंड बीजेपी के चीफ ने कहा कि राज्य की सरकार छात्रों के साथ अमानवीय हरकत कर रही है. हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि झारखंड के छात्रों को ये दिन देखना पड़ेगा. 

'झारखंड के छात्रों की आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंचती'

इसके आगे उन्होंने कहा, "राहुल गांधी को जंतर मंतर के छात्रों के प्रदर्शन पर तो राजनीति करनी होती है लेकिन झारखंड के छात्रों की आवाज उनके कानों तक नहीं पहुंचती है. वो ट्वीट करके कोरम पूरा होने का काम करते हैं. प्रधानमंत्री के आवास पर जाकर धरना देने का काम करते हैं तो दूसरी तरफ छात्रों को भड़काने का काम करते हैं. झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ उनकी सरकार है. राहुल गांधी के इशारे पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर छात्रों पर अत्याचार करने का काम किया गया."

'सब राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है'

आदित्य साहू ने आगे कहा, "सब राहुल गांधी के इशारे पर हो रहा है. राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए...छात्रों को गुमराह करने और सुविधा की राजनीति करने के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए. राहुल गांधी छात्रों से मोबाइल पर बात करके दबाव बनाना चाहते हैं. लेकिन कभी सरकार से वार्ता नहीं करते कि छात्रों की सीबीआई जांच की जो डिमांड है, उस पर गंभीरता से विचार करे. अगर राहुल गांधी में थोड़ी सी नैतिकता है तो झारखंड के छात्रों के साथ मुख्यमंत्री के दरवाजे पर धरना देने का काम करें. अगर झारखंड सरकार नहीं मानती है तो उन्हें अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए."

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