बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. नीतीश कुमार ने खुद इसे अपनी 'इच्छा' बताई. इस बीच जेडीयू के विधायक ने बड़ा दावा किया है. झारखंड से जेडीयू के इकलौते विधायक सरयू राय ने कहा कि नीतीश कुमार का राज्यसभा में प्रवेश उन्हें सीएम पद से साइडलाइन करने की एक 'सुनोयोजित साजिश' थी.

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यह तरीका ठीक नहीं लगता- सरयू राय

सरयू राय ने कहा कि बिहार की राजनीति में आज एक बड़ा बदलाव हुआ है. नीतीश कुमार जो साल 2005 से मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्होंने राज्य के लिए बहुत कुछ किया और 'सुशासन' लेकर आए. जेडीयू विधायक ने कहा, "जिस तरह से उनके जैसे व्यक्ति को सीएम पद से हटाकर राज्यसभा के लिए भेजा गया है, ऐसा लगता होता है कि उन्हें किसी शेल्टर में भेजा जा रहा है. यह तरीका ठीक नहीं लगता."

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मैं इस फैसले को पचा नहीं पा रहा हूं- सरयू राय

जमशेदपुर वेस्ट से विधायक सरयू राय ने आगे कहा, "पिछले दो दिनों से दिल्ली और पटना के बीच जो गनतिविधियां हो रही हैं, ऐसा लगता है कि ये सुनियोजित तरीके से किया गया. अगर उन्हें सम्मानजनक तरीके से राज्यसभा भेजा जाता तो किसी को आपत्ति नहीं होगी. नीतीश कुमार का दोस्त होने के बाद मैं इस फैसले को नहीं पचा पा रहा हूं."

बता दें कि गुरुवार (5 मार्च) को नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में राज्यसभा जाने की घोषणा की. उनके इस पोस्ट के बाद सियासी अटकलों पर विराम लग गया. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भी राज्यसभा जाने की अटकलें लग रही थीं. नीतीश कुमार ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि नई सरकार को उनका मार्गदर्शन मिलेगा. जेडीयू के कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर भारी नाराजगी जताई. 

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