दुनिया की नजरें इस वक्त ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव पर टिकी हैं. युद्ध के इस माहौल ने वैश्विक बाजार और पेट्रोलियम सप्लाई को प्रभावित किया है, लेकिन इसी संकट को झारखंड के साइबर अपराधियों ने ठगी का हथियार बना लिया है. जी हां, जामताड़ा के साइबर ठग अब एलपीजी गैस (LPG Gas) में गड़बड़ी सुधारने के नाम पर लोगों की मेहनत की कमाई डकार रहे हैं.

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कैसे कर रहे हैं ठगी?

बता दें कि ये ठग व्हाट्सएप के जरिए लोगों को मैसेज भेजते हैं और गैस कनेक्शन ठीक करने या सब्सिडी के नाम पर एक APK फाइल इंस्टॉल करवाते हैं. जैसे ही आप उस फाइल को डाउनलोड करते हैं, आपके फोन का पूरा एक्सेस इनके पास चला जाता है और पलक झपकते ही आपका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है.

जामताड़ा पुलिस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान राहुल मंडल, नयन मंडल और जगदीश मंडल के रूप में हुई है. इनके पास से पुलिस ने 06 मोबाइल फोन, 08 सिम कार्ड, 01 एटीएम कार्ड, 01 बाइक और 1,02,000 रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद की है.

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'साइबर क्राइम की राजधानी' है जामताड़ा!

हैरानी की बात यह है कि आरोपी जगदीश मंडल पहले से ही साइबर ठगी के मामले में वांटेड था. जामताड़ा, जिसे देश में 'साइबर क्राइम की राजधानी' कहा जाता है, वहां की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. देश के शायद ही किसी राज्य की पुलिस होगी जिसने अपराधियों की तलाश में जामताड़ा का रुख न किया हो.

इधर इंस्पेक्टर राजेश कुमार मंडल ने बताया कि पुलिस अधीक्षक को सूचना मिली कि विंदापात्थर इलाके में लोग एलपीजी गैस सुधारने के नाम पर APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड करा रहे हैं और उन्हें ठगी का शिकार बना रहे हैं. वहां दो लोगों को पुलिस ने धर दबोचा. इसी क्रम में झिलुआ इलाके से इसी तरह फ्रॉड की सूचना मिलने पर एक और आरोपी को धर दबोचा.

बहरहाल, हो रही इस साइबर ठगी से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है. किसी भी अज्ञात नंबर से आए लिंक या APK फाइल को इंस्टॉल न करें. गैस एजेंसी कभी भी व्हाट्सएप पर फाइल भेजकर आपसे ऐप इंस्टॉल करने को नहीं कहती. सतर्क रहें, सुरक्षित रहें.