झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 20 दिन से जेपीएससी-जेएसएससी में धांधली को लेकर छात्रों का प्रदर्शन जारी है. इस बीच कई प्रदर्शनकारी छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इस बीच भूख हड़ताल पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक ने बड़ा बयान दे दिया.
उन्होंने कहा, "जब तक सरकार छात्रों की मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक मैं अपनी भूख हड़ताल जारी रखूंगा. चाहें मेरी तबीयत कितनी भी खराब क्यों न होती रहे." बता दें कि प्रेम नायक ने अब भूख हड़ताल खत्म न करने का संकल्प ले लिया है.
'मेरी देह अस्पताल में लेकिन आत्मा...', अस्पताल से बाहर आना चाहते हैं देवेंद्र महतो, लिखी चिट्ठी
प्रेम नायक ने कही बड़ी बात
प्रदर्शन के 20वें दिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि प्रदर्शनकारी छात्र अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए जान जोखिम में डालने को तैयार हैं. नायक ने कहा, "आज मेरी भूख हड़ताल का 11वां दिन है. ऐसे में सरकार जब हमारी मांगे पूरी नहीं कर पा रही है तो मेरे अलावा जितने भी लोग भूख हड़ताल पर बैठे हैं सभी ने इसको जारी रखने का संकल्प लिया है." उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे जिंदा रहने का कोई फायदा नहीं है.
प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम नायक का कहना है कि हमने डॉक्टरों से कह दिया है जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानती तब तक हम भूख हड़ताल जारी रखेंगे." प्रेम नायक का आरोप है कि राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन इस विरोध प्रदर्शन को खत्म कराने की कोशिश कर रहा है.
उन्होंने कहा, "प्रशासन ने बुधवार रात को हमसे मुलाकात की. इस दौरान उनके रवैये में हमे नरमी दिखाई दी, लेकिन प्रशासन अभी भी किसी न किसी तरह हमे हटाना चाहता है. साथ ही डॉक्टर भी यही चाहते हैं. सरकार का रुख स्पष्ट है कि प्रदर्शनकारियों को हर हाल में हटाना होगा."
अस्पताल से वापस लौटना चाहते हैं देवेंद्र नाथ महतो
पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे और रांची के सदर अस्पताल में इलाज करा रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र महतो ने बुधवार रात रांची के सिविल सर्जन को पत्र लिखकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित विरोध स्थल पर लौटने की अनुमति मांगी.
झारखंड विधानसभा तक प्रदर्शनकारी छात्रों के मार्च में शामिल होने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर जेएलकेएम नेता को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. रांची के सिविल सर्जन को लिखे अपने पत्र में महतो ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए आंदोलन कर रहे हजारों छात्र इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और यह उनके लिए न केवल एक विरोध प्रदर्शन है, बल्कि एक जिम्मेदारी और उम्मीद का जरिया भी है.
महतो ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "आज मैंने सिविल सर्जन को पत्र लिखकर विरोध स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम जाने की अनुमति मांगी है. मेरे शरीर का तो अस्पताल के बिस्तर पर इलाज किया जा रहा है, लेकिन मेरी आत्मा सत्याग्रह स्थल पर है जहां छात्र और युवा अपने भविष्य के लिए न्यायपूर्ण संघर्ष कर रहे हैं.
JPSC घोटाले की खुली पोल! OMR में हेरफेर, 50 लाख में अफसर, एक्सपर्ट्स ने भरे आंसर
