झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC की सहायक वन संरक्षक (ACF) मुख्य परीक्षा 2026 को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. एबीपी न्यूज के हाथ परीक्षा में इस्तेमाल किए गए प्रश्नपत्रों की कॉपियां लगी हैं, जिनमें कई जगह भाषा, वाक्य और हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद में बड़ी गलतियां दिखाई दे रही हैं. सवाल यह उठ रहा है कि इतनी गंभीर त्रुटियों के बावजूद परीक्षा कराई गई और बाद में उसका परिणाम भी जारी कर दिया गया.

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प्रश्नपत्र में गलतियों की भरमार

प्रश्नपत्रों को देखने पर कई जगह भाषा संबंधी गड़बड़ियां नजर आती हैं. कुछ सवालों में वाक्य इस तरह बनाए गए हैं कि उनका सही मतलब समझना भी मुश्किल हो जाता है. हिंदी और अंग्रेजी के बीच अनुवाद में भी कई जगह तालमेल नहीं दिखाई देता. इससे अभ्यर्थियों के सामने सवालों को समझने और उनका सही जवाब देने में परेशानी की स्थिति बन सकती है.

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अप्रैल में हुई थी परीक्षा

JPSC की ओर से सहायक वन संरक्षक के 78 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी. यह परीक्षा अप्रैल 2026 में हुई थी. परीक्षा के बाद जुलाई में इसका परिणाम जारी किया गया. आयोग ने मुख्य परीक्षा में 368 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है.

अब शारीरिक परीक्षण में शामिल होंगे सफल अभ्यर्थी

मुख्य परीक्षा में सफल घोषित किए गए 368 अभ्यर्थियों को अब आगे की प्रक्रिया में शारीरिक परीक्षण में शामिल होना है. ऐसे में प्रश्नपत्रों में सामने आई इन गंभीर त्रुटियों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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आयोग की भूमिका पर भी सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब प्रश्नपत्रों में इतनी गलतियां थीं तो परीक्षा से पहले इन्हें क्यों नहीं पकड़ा गया. परीक्षा के बाद परिणाम जारी करते समय भी आयोग ने इन त्रुटियों पर कोई संज्ञान क्यों नहीं लिया. अभ्यर्थियों के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि प्रश्नों की भाषा या अनुवाद में गलती का सीधा असर उनके प्रदर्शन पर पड़ सकता है.

अब देखना होगा कि प्रश्नपत्रों की इन कॉपियों के सामने आने के बाद JPSC इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या इन त्रुटियों की जांच कराई जाती है.