राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के Gen Z पर दिए बयान को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने भागवत के बयान से सहमति जताई है.
मोहन भागवत के बयान पर महुआ माजी ने कहा 'उन्होंने ने ठीक कहा जो बच्चे प्रदर्शन कर रहे थे वो मजदूर और किसान के बेटे थे वो एंटी नेशनल कैसे हो सकते है.'
झारखंड में प्रदर्शन पर महुआ माजी ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लगातार कार्यवाही कर रही है. कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है. लगातार छापे पड़ रहे है. दिल्ली में प्रदर्शन में 25दिन तक सरकार ने छात्रों से बात नहीं की इसके मायने में झारखंड के मुख्यमंत्री ज्यादा संवेदनशील है.
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भागवत ने क्या कहा था?
बता दें भागवत ने गुरुवार को कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन संवाद का एक वैध तरीका है, लेकिन इसका मकसद विभाजन पैदा करने के बजाय आम सहमति बनाना होना चाहिए. यह टिप्पणी परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर एक नए दबाव समूह के हालिया विरोध-प्रदर्शन के बीच आई है.
भागवत ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली को लेकर जताई जा रही चिंताएं जायज़ हैं. उन्होंने इस अहम क्षेत्र पर खर्च को जीडीपी (सकल घेरलू उत्पाद) का छह प्रतिशत तक बढ़ाने की वकालत की. भागवत ने मुंबई में ‘इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशन्स’ (आईआईएमयूएन) के 15वें वर्षगांठ कार्यक्रम में में ‘जेन-जी’ और ‘जेन अल्फा’ के लगभग 2,000 सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा, 'विरोध प्रदर्शन भी बातचीत का एक तरीका है. लोकतंत्र में, विरोध प्रदर्शन आम सहमति बनाने का एक जरिया है. अलग-अलग विचार एक साथ आते हैं और चर्चा के बाद आम सहमति बनती है.’
उन्होंने कहा, ‘अगर विभिन्न कारणों से बातचीत के जरिए चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो लोग आंदोलन की ओर जा सकते हैं. लेकिन इन सबका मकसद आम सहमति बनाना है, न कि विभाजन पैदा करना. जेन-जी की शिकायतें जायज़ हैं और मुझे उनकी ईमानदारी पर भरोसा है.’
