Jharkhand Protest Highlights: छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में 11 अगस्त को BJP का झारखंड बंद
Jharkhand Protest Highlights: रांची में सोमवार (10 अगस्त) को छात्रों ने विधानसभा मार्च किया. इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले चलाए. बीजेपी ने मंगलवार को झारखंड बंद बुलाया.

बैकग्राउंड
झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया. झारखंड के अलग-अलग...More
रांची में जारी छात्रों के आंदोलन में घायल प्रदर्शनकारी शिवम ने कहा, "हम विधानसभा के बाहर बैठे थे और सरकार के आने और जवाब देने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन सरकार का कोई अता-पता नहीं था. तभी पुलिस आ गई और बिना किसी चेतावनी या बातचीत के उन्होंने तुरंत लाठीचार्ज शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि मुझे ठीक यहीं पीठ पर चोट लगी. उनके सीने पर वार किया गया और मेरे भाई के हाथ पर चोट लगी. वहां कम से कम 100 युवा ऐसे थे जिन्हें लाठियां मारी गईं. उनकी हालत देखिए. उन्हें सीने में बहुत दर्द हो रहा है. वे पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं."
बीजेपी ने 11 अगस्त को झारखंड बंद बुलाया है. छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ झारखंड बंद का आह्वान किया गया है. हालांकि जरूरी सेवाएं बाधित नहीं होंगी.
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने छात्रों के विधानसभा मार्च पर कहा, "मैं यह भी समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की. आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं."
नौ दिनों से अनशन कर रहे देवेंद्र महतो को विधानसभा मार्च में शामिल होने के बाद तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया.
रांची में छात्रों के आंदोलन को लेकर बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, "राहुल गांधी जी, झारखंड सरकार से आपकी अपील के बावजूद रात के अंधेरे में स्ट्रीट लाइटें बंद कर छात्रों पर लाठियां बरसाना साफ दर्शाता है कि या तो आप सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, या फिर हेमंत सोरेन सरकार के सामने आपके बात की कोई हैसियत नहीं है. आपकी और हेमंत सोरेन की इस बेशर्मी और दमनकारी रवैया को पूरा देश याद रखेगा. छात्रों पर पड़ी एक-एक लाठी का लोकतांत्रिक तरीके से हिसाब लिया जाएगा. यदि लाठियां खाने वाले झारखंड के गरीब, दलित, आदिवासी परिवार के छात्रों की चिंता है, तो उनके CBI जांच की मांग का समर्थन करिए और हेमंत सरकार से समर्थन वापस लीजिए."
छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा, "सरकार हमारे विषय पर गंभीर नहीं है, सरकार की मंशा हमारे साथ नहीं है. अब ये आंदोलन छात्र आंदोलन से जन आंदोलन की ओर कूच कर चुका है. हम तमाम अभिभावकों से अपील करता हूं कि आप अपने बच्चों की लड़ाई में बाहर निकलें. लाठीचार्ज जो किया गया है, इस सरकार में नैतिकता नहीं है. हम लोगों का तो यह एक दिवसीय आंदोलन था. लेकिन यदि हजारों छात्र सड़कों पर हैं तो आपको बयान देना चाहिए. अब हम सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से बात करेंगे. उनके प्रतिनिधिमंडल के पास न तो तर्क है और न ही तर्क को समझने की शक्ति है."
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा कि झारखंड विधानसभा मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाजी में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.
रांची में आंदोलन के आगे की रणनीति पर छात्र नेता देवेंदनाथ महतो ने कहा कि ये सरकार के फैसले पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा, "ये आवाज उन लाखों युवाओं का है जिसका भविष्य प्रतियोगी परीक्षा पर निर्भर है. ये आवाज कई मां और बहनों का त्याग है. कोई किसी के भेजने से नहीं आए हैं. कोई पॉलिटिकल भीड़ नहीं है. वाटर कैनन, टियर गैस और कंटीले बैरिकेंडिंग का इस्तेमाल किया गया फिर भी हमने सरकार के खिलाफ नारा नहीं लगाया. कोई अश्लील शब्द नहीं निकला. झंडा सिर्फ तिरंगा रहा. मैं चलने की स्थिति में नहीं हूं. यहां के युवाओं के भविष्य का सौदा किया जा रहा है." उन्होंने कहा कि ये सरकार कितनी डरपोक है. इससे ये बात साबित होता है कि मुख्यमंत्री खुद इसमें संलिप्त हैं और अगर इसकी जांच हुई तो वो जेल जाने वाले हैं. तभी इतने छात्रों की आवाज को नहीं सुना जा रहा है. मुख्यमंत्री को क्या चिंता है कि अगर जांच में कोई फंसे. जनता ने आपको कुर्सी पर बैठाया है. आपका साला फंसे, ससुर फंसे या आपके ससुराल वाले फंसे इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए. छात्रों को संतुष्ट करिए. ये आग अब बुझने वाली नहीं है. कितने बेशर्म मुख्यमंत्री हैं. इनकी कुर्सी खतरे में चली जाएगी.
रांची में आंदोलनकारी एक छात्र ने आरोप लगाया कि एक पुरुष पुलिसकर्मी ने महिलाओं के ऊपर लाठी बरसाई. शर्म आनी चाहिए. महिला पुलिस होती को अलग बात थी. हम लोग शांति से बैठे हुए थे. महिलाओं का कपड़ा फाड़कर पीटा गया. सरकार और पुलिस की तानाशाही नहीं चलेगी.
बाबूलाल मरांडी ने कहा, "राहुल गांधी जी, पिछले 6 सालों के दौरान झारखंड में JPSC और JSSC की सभी नौकरियां बेची गई हैं. कांग्रेस इस सरकार का हिस्सा है, इसलिए सिर्फ ट्वीट करने की औपचारिकता पूरी कर आप अपनी जवाबदेही से नहीं बच सकते. यदि आप सच में छात्रों के साथ खड़े हैं, तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को तत्काल पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच का आदेश देने के लिए निर्देशित करें, अन्यथा झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लें."
सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा, "झारखंड के छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगें तर्कसंगत हैं और उनका असंतोष भी स्वाभाविक है. वे पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, समयबद्धता और विश्वसनीयता की मांग कर रहे हैं. छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध के जवाब में किसी भी प्रकार का बल-प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक सरकार के लिए उचित रास्ता नहीं हो सकता. झारखंड सरकार को आंदोलनकारियों के साथ सार्थक संवाद कर इन मांगों पर ठोस, समयबद्ध और छात्रों को स्वीकार्य समाधान जल्द से जल्द निकालना चाहिए."
रांची में झारखंड विधानसभा के गेट पर डटे आंदोलनकारी छात्रों को अब पुलिस ने हटाना शुरू कर दिया है. प्रदर्शनकारी छात्र नए विधानसभा परिसर के गेट नंबर-1 के बाहर मौजूद हैं. पुलिस ने छात्रों पर फिर लाठीचार्ज किया.
झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, "मैं बस इतना कहूंगा कि जहां भी विरोध-प्रदर्शन हों, हम चाहते हैं कि वे शांतिपूर्ण हों और कहीं भी हालात न बिगड़ें."
राजस्थान के सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा, "झारखंड की राजधानी रांची में अपने हक, रोजगार और भविष्य की मांग को लेकर लोकतांत्रिक रूप से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है. अपने भविष्य और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज़ उठाना हर छात्र का लोकतांत्रिक अधिकार है. हेमंत सोरेन सरकार को दमन का रास्ता अपनाने के बजाय छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से तत्काल संवाद कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए था. मैं झारखंड के आंदोलनरत युवा साथियों के साथ खड़ा हूं और झारखंड सरकार से मांग करता हूं कि छात्रों की मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए तथा लाठीचार्ज करवाने वाले दोषी पुलिस अफसरों पर कार्यवाही की जाये."
शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि छात्रों के नाम पर राहुल गांधी राजनीति कर रहे हैं. छात्रों के कंधे पर रख कर बंदूक चला रहे हैं. झारखंड के छात्रों के साथ अब तक राहुल गांधी ने कोई संवाद नहीं किया. छात्रों की सच में चिंता है तो छात्रों की समस्या को सुलझाएं. रांची के छात्र पिछले दो सप्ताह से आंदोलन कर रहे हैं और आज वहां छात्रों पर लाठीचार्ज हुई है.
बीजेपी के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "रांची के छात्रों की गूंज राहुल गांधी जी को left side के very loud and outsider earphones के कारण सुनाई नहीं पड़ रही है. मैं राहुल गांधी जी से कहना चाहूंगा कि जंतर-मंतर पर करम और रांची में सितम. राहुल बाबा, यह जुल्म न कर."
बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा, "छात्रों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले कांग्रेस के शहजादे राहुल गांधी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का चेहरा पूरे देश के सामने बेनकाब हो चुका है. कांग्रेस झामुमो ने मिलकर JPSC व JSSC परीक्षाओं में झारखंड के गरीब, दलित, आदिवासियों की नौकरियां बेच दी. अब न्याय मांगने पर युवाओं के उपर लाठियां बरसाई जा रही है. झारखंड का युवा हर जोर जुल्म से टकराएगा और अपना हक लेकर रहेगा."
रांची में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा के गेट नंबर एक तक पहुंच गए हैं. पुलिस माइक से छात्रों को वहां से हटने की अपील कर रही है. पुलिस का कहना है कि जहां आप पहुंचे हैं वहां पर धारा 163 लागू है.
रांची में छात्रों के आंदोलन को लेकर बीजेपी नेता और पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी ने एक्स हैंडल पर लिखा, "झारखंड में छात्रों की अगस्त क्रांति! इस क्रांति के आगे झामुमो कांग्रेस की तानाशाही सरकार को झुकना होगा और छात्रों की सभी मांगों को मानना होगा."
प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितता के विरोध में पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े जाने के बावजूद विधानसभा परिसर के करीब पहुंचे. सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित की गई.
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा, "झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते की CID द्वारा गिरफ्तारी महज दिखावे की है. हेमंत सरकार विनय चौबे की तरह इन्हें भी बिना चार्जशीट दाखिल किए डिफॉल्ट बेल दिलाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देगी. छात्रों की मांग सिर्फ JPSC तक सीमित नहीं है. JSSC की सहायक आचार्य, CGL, उत्पाद सिपाही और PGT जैसी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली कर नौकरियां बेची गई है."
बीजेपी नेता ने कहा, "सरकार यदि वास्तव में कार्रवाई करना चाहती है, तो JPSC के तीनों सदस्यों के साथ-साथ JSSC-CGL परीक्षा के दौरान आयोग में जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारियों नीरज सिन्हा और सुधीर गुप्ता तथा अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड अपने पास रखने वाले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी विनोद की भी गिरफ्तारी करे. "
इसके आगे उन्होंने कहा, "साथ ही JSSC के प्रभारी चेयरमैन IAS प्रशांत कुमार को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ FIR दर्ज की जाए व पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच का आदेश दिया जाए."
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "आज झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन के बर्खास्त अध्यक्ष खियांते जी गिरफ़्तार हो गए. 2019 में मुझे लोकसभा चुनाव हरवाने की भरपूर कोशिश की थी, मेरे फ़ोन करने पर मेरे उपर इन्होंने केस कर दिया था,उस वक़्त ये झारखंड के चुनाव अधिकारी थे . विधि का विधान देखिए,जिस पार्टी को जिताने की मेरे खिलाफ इन्होंने साज़िश रची,उसी ने इनको जेल भेजा. छात्रों को जीत की बधाई."
रांची में छात्र विधानसभा के गेट तक पहुंच गए हैं. छात्रों ने कुल आठ बैरिकेड को पार कर दिया. कुछ छात्रों ने शॉर्टकट अपनाया और खेतों के रास्ते विधानसभा के करीब तक पहुंच गए. छात्रों ने कहा यहां आना हमारी मजबूरी बन गई. सरकार का कोई मंत्री और विधायक हमसे प्रदर्शन स्थल पर मिलने तक नहीं आया. एक छात्र ने कहा कि हमारा सबसे बड़ा मुद्दा सीजेएल है.
झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और भारतीय जनता पार्टी के आरोपों पर कांग्रेस के लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत की. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी छात्र आंदोलन पर सियासत कर रही है. झारखंड में गिरफ्तारियां हुई हैं. परीक्षाएं रद्द हुई हैं. ED भी जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड के गवर्नर ने मुख्यमंत्री की कार्रवाई की तारीफ की है. राहुल गांधी ने भी छात्रों से बातचीत करके कहा है कि सख्त एक्शन लिया जाएगा.
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि अगर छात्रों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो मुख्यमंत्री पद खतरे में पड़ जाएगा. सरकार हिल जाएगी, यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है. यह एक जन-आंदोलन बन गया है. युवा शब्द का उल्टा वायु होता है और वायु को कोई नहीं रोक सकता.
विधानसभा मार्च में शामिल एक छात्र ने कहा कि हो सकता है कि कल तक हम यहीं डटे रहें. छात्रों की एक प्रमुख मांग है कि सीजीएल की परीक्षा को रद्द किया जाए.
रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान अंतिम बैरिकेडिंग हटा दी गई है. छात्र विधानसभा के बेहद करीब पहुंच गए हैं.
आंसू गैस के गोले दागने के बाद छात्रों की संख्या और बढ़ रही है. रांची पुलिस ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की है. छात्रों का कहना है कि हम पीछे नहीं हटने वाले हैं. आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. कुछ छात्रों के घायल होने की खबर है.
छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कहा कि आज मुख्यमंत्री का जन्मदिन है. वो आज वाटर कैनन और आंसू गैस से जो तोहफा दे रहे हैं उससे झारखंड कलंकित हो रहा है. ये कुर्सी हिला देगी. इस भीड़ को सरकार जवाब नहीं दे पा रही है. सरकार डर गई है. अब डेलिगेशन से बात नहीं करेंगे सीधा सीएम से बात करेंगे. सरकार ने छात्रों को दुश्मन बना लिया है. सरकार को कुर्सी बचानी है तो हमारी मांगों को पूरी करें.
एक छात्र ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों ने अपने मुंह पर कपड़े बांध लिए हैं. एक छात्र ने कहा कि हम लोग डर गए थे. एक और छात्र ने कहा कि नौकरी मांगेंगे तो झारखंड में लाठी मिलेगी.
रांची में छात्रों के विधानसभा मार्च पर आंसू गैस की गोले दागे जा रहे हैं. बड़ा एक्शन शुरू हो गया है. छात्र पीछे हट रहे हैं.
JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को CID ने गिरफ्तार कर लिया है. अनियमितता मामले में सीआईडी ने चार बार ख्यांगते से पूछताछ की थी. विरोध प्रदर्शन के बाज कल ही ख्यांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. अगले ही दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
झारखंड से बीजेपी सांसद प्रदीप वर्मा का कहना है कि छात्र शांतिपूर्ण मार्च कर रहे हैं. उनको कटीले तारों से घायल किया गया. उसके बाद लाठीचार्ज किया गया. दिल्ली में कांग्रेस कुछ कहती है और झारखंड में लाठीचार्ज करवाती है. कांग्रेस और राहुल गांधी का पाखंड जनता के सामने है. बीजेपी नेताओं को भी डिटेन कर लिया गया है.
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के चल रहे विरोध प्रदर्शन पर कहा, "छात्र पिछले 14-15 दिनों से विरोध कर रहे हैं. कुछ छात्र भूख हड़ताल पर हैं, जबकि कुछ बीमार पड़ गए हैं और अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा है. सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है और कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है. हमने तय किया कि विपक्ष के सभी विधायक मुख्यमंत्री से उनके आवास पर मिलेंगे और इस मामले पर उनसे चर्चा करेंगे. JSSC से लेकर JPSC तक की परीक्षाओं में गड़बड़ियां हुई हैं. छात्रों की बस एक ही मांग है कि इस मामले की जांच CBI से कराई जाए. छात्रों के समर्थन में हम मुख्यमंत्री से मिलने और इस मुद्दे पर चर्चा करने गए थे, लेकिन हमें गेट पर ही रोक दिया गया और अंदर नहीं जाने दिया गया. इसके बाद हमने विधानसभा जाकर मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाने की योजना बनाई, लेकिन वहां भी हमें किसी से मिलने नहीं दिया गया. इसके बजाय, हमें हिरासत में ले लिया गया और यहां खेल गांव लाया गया. यह साफ तौर पर इस सरकार के तानाशाही रवैये को दिखाता है."
छात्रों का कहना है कि अगर पुलिस विधानसभा जाने से रोकेगी तो वे रुक जाएंगे. इंतजार करेंगे. पुलिस को बल प्रयोग करने की जरूरत नहीं है. छात्र 16 दिन से इंतजार ही कर रहे हैं, शांतिपूर्व प्रदर्शन कर रहे हैं. आगे भी इंतजार कर लेंगे.
पुलिस ने दोबारा से छात्रों पर लाठीचार्ज किया. छात्र 'भारत माता की जय' के नारे लगाते हुए आगे बढ़े. इस दौरान नाराज छात्रों ने भी पुलिस पर पानी की बोतलें फेंकीं. छात्रों का कहना है कि सरकार को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. अपने प्रदेश के छात्रों पर लाठी चलाने से फायदा नहीं होगा.
विधानसभा और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच अब 10 मिनट का पैदल रास्ता बचा है. छात्र सीएम हेमंत सोरेन से बात करना चाहते हैं. उन्होंने तय कर लिया है कि विधानसभा कूच कर के ही रहेंगे. पुलिस लाठियां मार-मार कर छात्रों को खदेड़ रही है.
बीजेपी के एक्स अकाउंट से पोस्ट किया गया, "हेमंत जब-जब डरता है, पुलिस को आगे करता है. देखिए कैसे गिरिडीह से रांची जा रही बस को रोककर पुलिस द्वारा यात्रियों को परेशान किया जा रहा है. ये डर अच्छा है मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, छात्रों की जीत तय है."
कुछ प्रदर्शनकारी छात्रों ने दावा किया है कि पुलिस के लाठीचार्ज में कुछ छात्रों को चोट लगी है. छात्रों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने छात्रों पर बर्बरता से लाठियां चलाई हैं.
छात्रों ने पुलिस के प्रति नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि वह शांति से आगे बढ़ रहे थे. एक शब्द भी नहीं कहा था, लेकिन पुलिस ने बर्बरता से लाठीचार्ज किया. नियम है कि कमर के नीचे लाठी मारी जाए लेकिन यहां छात्रों के मुंह पर, सिर पर, हाथ पर लाठियां मारी गई हैं.
विधानसभा कूच कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई की भी खबर है. बताया जा रहा है कि सातवां और आखिरी बैरिकेड तोड़ने के बाद अब प्रदर्शनकारियों और विधानसभा के बीच और कोई रोक नहीं है. ऐसे में छात्रों को पीछे हटाने के लिए पुलिस ने उनपर लाठीचार्ज किया है.
छठे और आखिरी बैरिकेड तक पहुंचने के बाद पुलिस ने छात्रों पर लॉटर कैनन चलाया, लेकिन तितर बितर होने के बजाय प्रदर्शनकारी छात्र गमछे लहराकर नाचने लगे. कुछ देर में पुलिस ने वॉटर कैनन बंद कर दिया.
रांची में जारी छात्रों के विधानसभा मार्च को शुरू हुए 2 घंटे से ऊपर हो गए हैं, लेकिन अब तक पुलिस की ओर से छात्रों पर किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया गया है. यहां न टियर गैस चलाई गई, न वॉटर कैनन और न लाठीचार्ज हुआ है. इसको लेकर छात्र खुश हैं और उनका कहना है कि JMM की सरकार बीजेपी सरकार से ज्यादा संवेदनशील है. ऐसा भी नहीं हुआ कि छात्रों को शुरुआत से ही निगलेक्ट किया गया हो. सरकार बात सुनने की कोशिश कर रही है.
छात्रों के साथ बातचीत पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा, "ऐसा नहीं है कि बातचीत नहीं हुई. हमने घंटों तक चर्चा की, चार दिनों से बातचीत चल रही है. राज्य सरकार की क्षमता के दायरे में जो भी मांगें थीं, हमने उन सभी को मान लिया. हालांकि, जिस मुद्दे पर वे अड़े हुए हैं, CGL परीक्षा रद्द करना, उसमें अदालती निर्देश शामिल हैं. हमने जांच को खुला रखा है. राज्य सरकार न्यायिक निगरानी में जांच कराने के लिए तैयार है. हमने वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए ED को बुलाया है.
झारखंड की मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा, "लोकतंत्र में विरोध-प्रदर्शन की इजाजत है. लोग इसके लिए आजाद हैं. प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है. यहां पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल नहीं होगा."
छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने पांचवें बैरिकेड पर सख्ती बरतनी शुरू की थी, लेकिन छात्र बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ गए हैं.
रांची पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर प्रदर्शनकारी छात्र आगे बढ़ गए हैं. नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी छात्रों ने विधानसभा कूच जारी रखा है. इस बीच देवेंद्र महतो हाथ में शिबू सोरेन की फोटो लेकर आए हैं. उनका कहना है कि आज गुरुजी अगर जिंदा होते तो छात्रों के साथ होते.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "झारखंड के बच्चों से सरकार बातचीत कर रही है, हमें उम्मीद है रास्ता निकलेगा लेकिन असली जिम्मेदार है भारत की सरकार. भारत की सरकार ने क्या किया झारखंड के लोगों को नौकरी देने के लिए?"
आंदोलनकारी छात्रों ने ऐलान कर दिया है कि उनकी मांग क्लियर है. CGL रद्द होना चाहिए. जब तक सीजीएल रद्द नहीं होगा हमलोग वापस नहीं जाएंगे. नाराज छात्रों का कहना है कि उन्हें अंधकार में रखा जा रहा है. सरकार उनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है.
रांची में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच, झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा, "यह सरकार की विफलता है. उन्हें (परीक्षा रद्द करने की) मांग मान लेनी चाहिए थी. सरकार ने कई मांगें मानी भी हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं लेकिन सबसे अहम मांग JSSC-CGL परीक्षा (को रद्द करने) को लेकर है. इसमें सबसे ज्यादा गड़बड़ियां हुई हैं. अभय तिवारी ने खुद माना है कि उन्होंने करीब 400 उम्मीदवारों का चयन करवाया."
भर्ती परीक्षा से जुड़ी समस्याओं को लेकर छात्र विधानसभा की ओर विरोध मार्च निकाल रहे हैं. इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह ने कहा, "आगे बैरिकेडिंग की गई है. हमने उन्हें रोका नहीं है; वे खुद ही यहां रुके हैं. अगर वे आगे बढ़ते हैं, तो हम तय करेंगे कि उन्हें कहां रोकना है."
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने सवाल किया है कि झारखंड में छात्रों की सीबीआई जांच की मांग को सरकार क्यों नहीं मान रही? सरकार अपनी एजेंसी से जांच करवा कर लीपापोती करना चाहती है. JMM को सीबीआई जांच से क्या तकलीफ है?
छात्र पुराने विधानसभा गेट से 500 मीटर आगे पहुंच चुके हैं. जब मार्च में शामिल छात्रों से सवाल किया गया कि आगे बैरिकेडिंग लगे हैं, लाठीचार्ज की आशंका भी है तो जवाब में उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि यह दिल्ली नहीं है, न ही यहां बीजेपी की सरकार है. यहां JMM की सरकार है, यहां बच्चों पर लाठीचार्ज नहीं होगा. छात्रों का कहना है कि सरकार ने हमें भरोसा दिलाया था कि छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं होगा और हम इसी भरोसे से आगे बढ़ रहे हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी रांची के विधानसभा मार्च का हिस्सा बनने आया है. एक व्यक्ति ने बताया कि वह दिल्ली से है और सीजेपी की टीम का मेंबर है. बच्चों की मांगों को देखते हुए सीजेपी का डेलिगेशन यहां आया हुआ है. बच्चों को समर्थन देने आए हैं. CJP की यही मांग है के देशभर में पेपर लीक बंद किए जाएं और बच्चों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को रोका जाए.
झारखंड सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं. बाकी पर विचार किया जा रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या छात्र इन 98 फीसदी के समझौते से संतुष्ट नहीं हैं? इसके जवाब में देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि हम दो क्या एक परसेंट पर भी समझौता करने को राजी नहीं हैं. हमें हमारी 100 फीसदी मांगें पूरी चाहिए. देवेंद्र महतो का कहना है कि पिछले 26 साल से युवाओं को ऐसा ही झांसा दिया जा रहा है. युवा कॉम्प्रोमाइज के लिए नहीं है, रिवॉल्यूशन के लिए है.
बाबूलाल मरांडी समेत बीजेपी के कई नेताओं ने ऐलान किया है कि वे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हैं. इसी कड़ी में बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हेमंत सोरेन के आवास का भी घेराव किया था. इसपर प्रतिक्रिया देते हुए देवेंद्र महतो ने कहा कि सभी के समर्थन का स्वागत है. हम तो कहेंगे कि हमारे आंदोलन में JMM और कांग्रेस नेता भी आएं. इस आंदोलन को किसी पार्टी से न जोड़ा जाए. सभी के बच्चे छात्र हैं, नौकरी चाहते हैं. जो बच्चों के भविष्य की चिंता करता है, चाहे किसी भी पार्टी का हो, हमारें आंदोलन से जुड़े.
छात्र नेता देवेंद्र महतो से जब सवाल किया गया कि वे 9 दिन से भूखे हैं, बेहद कमजोर हो चुके हैं, दर्द और पीड़ा में होंगे तो महतो ने जवाब दिया कि इतने दिन से न खाने की वजह से मैं जितनी तकलीफ में हूं उससे कई ज्यादा तकलीफ में झारखंड के लाखों बच्चे हैं जिनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. एग्जाम में धांधली हो रही है, उनकी मेहनत पर पानी फिर रहा है. उनका दर्द ज्यादा बड़ा है. अंतिम सांस तक इनके लिए लड़ूंगा.
9 दिन से अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो अनशन स्थल को छोड़कर सीधे विधानसभा घेरने जा रहे हैं. दीवार फांदकर उन्होंने पहले ही पीछे एंबुलेंस मंगवा ली थीं. देवेंद्र महतो ने कहा कि प्रशासन चाहे कितनी ताकत लगा दे, मेरी परिस्थिति कैसी भी हो. हम युवा हैं. युवा और वायु को रोकने की ताकत इस धरती में किसी के पास नहीं है. आप चाहें कटीले तार लगा दें चाहे कैसे भी रोकने की कोशिश करें, हम हर जगह पहुंचते हैं.
लगातार अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो खुद विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं. वह एंबुलेंस के जरिए विधानसभा आ रहे हैं. देवेंद्र महतो का कहना है कि वह बाहर से कमजोर हैं लेकिन अंदर से बहुत गुस्से में हैं. पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए कटीले तार वाले बैरिकेड लगाए हैं जो कतई मंजूर नहीं हैं.
छात्रों का हेमंत सोरेन सरकार से कई सवाल हैं कि अभय तिवारी को लेकर सरकार मौन क्यों है? उसपर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? JPSC की आड़ में सरकार CGL के घोटाले को छुपाना क्यों चाहती है? यह सरकार ईडी और सीबीआई से दूर क्यों भाग रही है? अभय तिवारी कौन है जो अपने पूरे खानदान को सीजीएल में नौकरी दिलवा चुका है.
छात्रों का कहना है कि वह सरकार के सामने अपनी मांगें रख रहे हैं. राजनीति के लिए विधानसभा मार्च नहीं कर रहे बल्कि रोटी के लिए कर रहे हैं. गरीब किसान का बेटा 8-10 साल से नौकरी पानी की पढ़ाई कर रहा है, लेकिन भ्रष्टाचार की वजह से नौकरी उन्हें मिल रही है जिनके पास देने के लिए लाखों रुपये हैं. हम गरीबों के पास मेहनत के अलावा कुछ नहीं है, हम 15-20 लाख रुपये नहीं दे सकते. हम यहां राजनीति के लिए नहीं पेट के लिए आए हैं.
JPSC, JSSC CGL परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों द्वारा विधानसभा मार्च को देखते हुए आज शहर के 15 से अधिक निजी एवं सरकारी स्कूल बंद रखे गए हैं, जबकि कई स्कूलों ने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर अपने छुट्टी के समय में बदलाव किया है
भारतीय जनता पार्टी ने छात्रों के विधानसभा मार्च को समर्थन देने का ऐलान किया था. इसपर छात्रों का कहना है कि हमें विपक्षी दलों से नैतिक समर्थन की उम्मीद है, वो हमें समर्थन दे सकते हैं लेकिन इसमें राजनीति न करें.
झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को दो तरफ से घेरा जा रहा है. एक ओर छात्र विधानसभा का घेराव कर रहे हैं तो दूसरी ओर विपक्षी दल बीजेपी के नेता-कार्यकर्ताओं ने सीएम आवास की ओर कूच किया. इस दौरान सीएम आवास की सुरक्षा भी बढ़ाई गई और फिलहाल पुलिस आवास के पास से नेताओं कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश कर रही है.
पुराने विधानसभा से 30 मीटर आगे ही रोक दिए जाने पर छात्र वहीं धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि वह वहीं बैठकर और छात्रों के आने का इंतजार करेंगे. जब संख्याबल बढ़ेगा, तब बैरिकेडिंग हटाकर फिर आने जाने की कोशिश करेंगे. छात्रों का आरोप है कि पुलिस जगह-जगह पर छात्रों को रोक रही है. छात्रों का कहना है कि वो पीछे हटने वाले नहीं हैं. अब जब यहां तक आए हैं तो सरकार से अपनी डिमांड मनवाकर ही जाएंगे.
रांची में आंदोलनकारी छात्रों ने विधानसभा मार्च शुरू कर दी है. रांची पुलिस ने छात्रों को पुराने विधानसभा के 30 मीटर आगे ही बैरिकेडिंग कर रोक दिया है. छात्र वहीं धरने पर बैठ गए हैं.
झारखंड विधानसभा मानसून सत्र का आज तीसरा दिन है. इस बीच जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भारी हंगामे के आसार हैं. सदन की कार्यवाही सुबह 11.00 बजे शुरू होगी.
झारखंड बीजेपी के नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर बीजेपी का कहना है कि यह झारखंड की डरी सहमी और तानाशाह सरकार की दमनात्मक कार्रवाई है. बीजेपी राज्य के छात्रों के साथ हो रहे अन्याय को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती. इसलिए छात्रों के विधानसभा मार्च में शामिल तमाम नेता कार्यकर्ता शामिल होंगे.
झारखंड बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है. बीजेपी ने छात्रों के मार्च को समर्थन देने का फैसला किया है. झारखंड बीजेपी का दावा है कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को भी रांची में उनके आवास में नजरबंद किया गया है.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कहा, "हमारी सरकार वहां पर है और हम छात्र का आंदोलन और छात्रों की गूंज पूरे देश में लड़ रहे हैं. जहां हमारी सरकार है, वहां छात्रों के साथ और छात्रों की बात होगी. छात्रों के साथ संवाद होगा, लाठी नहीं चलेगी."
झारखंड विधानसभा मार्च के लिए बस-ट्रेन से रांची पहुंच रहे छात्रों को जगह-जगह रोका जा रहा है. उन्हें आने नहीं दिया जा रहा. छात्रों का कहना है कि वे विधानसभा तक कैसे पहुंचें.
पूराने विधानसभा गेट पर छात्र जुटने लगे हैं. यही से नए विधानसभा तक मार्च होगा. चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात हैं और बैरिकेडिंग की गई है. झारखंड के कोने-कोने से अभ्यर्थी आए हैं. छात्रों का कहना है कि सरकार ने उन्हें ठगा है. अब तक कोई अहम मांग नहीं मानी है.
झारखंड पुलिस ने विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर दी है और पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. यह कदम छात्रों द्वारा सोमवार को बुलाए गए 'विधानसभा मार्च' के मद्देनजर उठाया गया है. ये छात्र राज्य में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ दो सप्ताह से अधिक समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
रांची में प्रदर्शनकारी 'विधानसभा' की ओर मार्च करने के लिए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से निकल गए हैं. 'विधानसभा मार्च' का आह्वान उन छात्रों ने किया है जो राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ दो हफ्ते से ज्यादा समय से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने आशंका जताई है कि छात्रों के इस शांतिपूर्ण मार्च में असमाजिक तत्व भी मौजूद हो सकते हैं. ऐसे में छात्रों की पुलिस से अपील है कि आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने में उनकी मदद करें. छात्र नेता का कहना है कि मार्च सुबह 10:30 से 11:00 बजे के बीच पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक ढंग से शुरू होगा. सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने के साथ ही छात्र यह भी दिखाएंगे कि वे अनुशासित और शिक्षित हैं.
रविवार को सरकार और छात्रों के डेलीगेशन के बीच ईडी से जांच कराने की सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ईडी को पत्र लिखकर जांच की मांग करती उससे पहले ही ईडी ने कार्रवाई शुरू कर दी. ईडी रांची की यूनिट से पांच लोगों की टीम जांच के लिए पहुंची है, जिसमें एक एसिस्टेंट डायरेक्टर और चार इंस्पेक्टर शामिल हैं.
JPSC 14वीं PT परीक्षा समेत अन्य परीक्षाओं में धांघली की जांच में ईडी की एंट्री हो गई है और ईडी ने अब जांच शुरु कर दी है. ED ने CID में दर्ज केस के आधार पर ECIR दर्ज की है. इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. ED को शक है कि परिक्षा गड़बड़ी में बड़े पैमाने में पैसों का लेन-देन हुआ है.
अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा ने झारखंड के रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSCC उम्मीदवारों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान अपना मशहूर गाना 'इक बगल' गाया.
सरकार और छात्रों के बीच जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को लेकर हुई बातचीत सफल हो गई है. सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र रुपेश पाल ने जानकारी दी कि जेएसएससी सीजीएल कितना बड़ा मामला है. यह भर्ती प्रक्रिया साल 2015 से शुरू हुई थी. साल 2024 में परीक्षा हुई लेकिन पेपर लीक हो गया. लगभग 2000 से ज्यादा वैकेंसी थीं, जिसकी बिक्री के आरोप लगे.
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