झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है. चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर शुक्रवार (17 अप्रैल) दोपहर कोबरा बटालियन और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ हुई भीषण मुठभेड़ में 15 लाख रुपये के इनामी माओवादी सब-जोनल कमांडर सहित चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं. मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है.

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इनामी सहदेव महतो और छत्तीसगढ़ की नताशा ढेर

जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सलियों में केरेडारी थाना क्षेत्र के कुठान गांव का रहने वाला कुख्यात नक्सली सहदेव (उर्फ शाहदेव) महतो और उसकी पत्नी नताशा शामिल है. नताशा मूल रूप से छत्तीसगढ़ की रहने वाली थी और संगठन में रहते हुए ही उसने सहदेव से विवाह किया था. नताशा हाल के दिनों में छत्तीसगढ़ से झारखंड आकर माओवादी संगठन को मजबूत करने की साजिश में जुटी थी. दोनों लंबे समय से खूंखार गतिविधियों में संलिप्त थे.

AK-47 और अमेरिकन राइफल समेत भारी हथियार बरामद

वरिष्ठ अधिकारियों को चतरा-हजारीबाग बॉर्डर पर नक्सलियों के एक दस्ते की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद चतरा (पिपरवार) और हजारीबाग (केरेडारी) पुलिस ने सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के साथ मिलकर बुंडू पंचायत के खपिया कोतीझरना (बटुका जंगल) में घेराबंदी की. खुद को घिरता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी. घंटों चली इस जवाबी कार्रवाई में 4 नक्सली ढेर हो गए. पुलिस ने मौके से दो AK-47, एक अमेरिकन राइफल, कई अत्याधुनिक और देसी हथियार, भारी मात्रा में कारतूस और नक्सली साहित्य बरामद किया है.

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पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी

चतरा एसपी सुमित कुमार अग्रवाल ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और सघन सर्च अभियान जारी है. अन्य दो मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है और कुछ अन्य के घायल होने की भी संभावना है. एसपी ने कहा कि सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर विस्तृत आंकड़े सामने आ पाएंगे. फिलहाल स्थिति सुरक्षाबलों के नियंत्रण में है.

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