Jharkhand News: झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को राज्य सरकार से कहा कि वह हलफनामा दाखिल कर बताएं कि, राज्य की विभिन्न अदालतों में दिव्यांगों के लिए क्या सुविधाएं हैं? पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज की एक जनहित याचिका पर कोर्ट ने ऑनलाइन सुनवाई की. इस दौरान मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आनंद सेन की पीठ ने राज्य सरकार को इस सिलसिले में हलफनामा दाखिल करने को कहा.

मामले की सुनवाई के लिए 11 अगस्त की अगली तारीख निर्धारित करते हुए पीठ ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि, राज्य की विभिन्न अदालतों में दिव्यांगों के लिए अलग से कोई सुविधा नहीं है. पीठ ने पूछा कि यदि किसी दिव्यांग को न्याय पाना हो तो वह आखिर कैसे अदालतों का रुख करेगा. याचिकाकर्ता ने अदालत से शिकायत की थी कि राज्य में विभिन्न अदालतों में दिव्यांगों के लिए न तो उचित शौचालय हैं और न ही रैंप एवं उचित लिफ्ट और  बैठने की व्यवस्था है. इस तरह की सुविधाओं के अभाव में दिव्यांग जनों को अदालतों में न्याय पाने के लिए पहुंचने में भारी कष्ट का सामना करना पड़ता है.

पलामू में धान खरीद पर सरकार से जवाब मांगा

इसके साथ ही झारखंड हाई कोर्ट ने पलामू में धान खरीद गड़बड़ी मामले में दायर जनहित याचिका पर ऑनलाइन सुनवाई की. चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को जवाब दायर करने का निर्देश दिया. जवाब दायर करने के लिए सरकार को पांच सप्ताह का समय प्रदान किया. अब मामले की सुनवाई अगस्त माह में होगी.

इससे पूर्व खंडपीठ को बताया गया कि पलामू जिले में बिचौलियों द्वारा फर्जी किसानों को खड़ा कर धान खरीदा गया है. एक-एक किसान से तीन-तीन सौ क्विंटल धान की खरीद हुई है. फर्जी किसानों के नाम पर खरीदे गये धान का पैसा बिचौलियों द्वारा अपने खाते में ट्रांसफर करा लिया गया. इससे वास्तविक किसानों को नुकसान पहुंचा. उन्होंने धान खरीद में गड़बड़ी की जांच कराने का आग्रह किया गया. वहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता निपुण बक्शी ने पक्ष रखा. उन्होंने बताया कि पलामू के उपायुक्त ने मामले की जांच करायी थी.

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