दुबई में कथित तौर पर वेतन न मिलने के कारण कठिनाइयों का सामना कर रहे झारखंड के विभिन्न जिलों के लगभग 14 प्रवासी श्रमिकों ने राज्य सरकार से उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है. जिसमें से एक अधिकारी ने सोमवार (2 फरवरी 2026) को यह जानकारी दी.

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14 प्रवासी श्रमिकों ने वेतन ना देने और ओवरटाइम कराने का लगाया आरोप

राज्य प्रवासी नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम लीडर शिखा लाकरा ने बातचीत में बताया कि उन्हें गिरिडीह, हजारीबाग और बोकारो जिलों के 14 प्रवासी श्रमिकों के बारे में जानकारी मिली है. जिन्होंने एक वीडियो भेजकर यह आरोप लगाया है कि निजी कंपनी द्वारा उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा और उन्हें जबरन अतिरिक्त समय (‘ओवरटाइम’) तक काम करने के लिए मजबूर भी किया जा रहा है.

लाकरा ने कहा, ‘इससे उन्हें आवास और भोजन की समस्या हो रही है. फंसे हुए मजदूरों ने अपनी दुर्दशा बताने के साथ ही सरकार से मदद की अपील करते हुए एक वीडियो भेजा है. उन्होंने यह वीडियो सिकंदर अली को भेजा है, जो प्रवासी श्रमिकों के कल्याण के लिए काम करते हैं.’

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'प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए यूएई सरकार से करेंगे'

अधिकारी ने कहा कि, ‘हम प्रवासी श्रमिकों से बात करने का प्रयास करेंगे और उन्हें सुरक्षित स्वदेश वापस लाने के मकसद से भारतीय दूतावास और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सरकार के अधिकारियों से बात कर आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे.’सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने केंद्र और राज्य सरकारों से मजदूरों की सुरक्षित वापसी के लिए ठोस राजनयिक कदम उठाने की मांग भी की है.

अली ने कहा, ‘पहले भी प्रवासी कामगारों को विदेशों में उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है और बड़ी मुश्किलों के बाद उन्हें घर वापस लाया गया है. फिर भी प्रवासी कामगार जीविका कमाने के लिए विदेशों में जाते रहते हैं.’

दुबई में फंसे मजदूरों में रोशन कुमार और अजय कुमार (दोनों गिरिडीह के सरिया निवासी), गिरिडीह के बगोदर निवासी राजेश महतो और अजय कुमार, बोकारो के पेंक नारायणपुर निवासी दलेश्वर महतो, खेदाडीह निवासी जागेश्वर महतो और फलेंद्र महतो, सिरैया निवासी बैजनाथ महतो, बसरिया निवासी दिलीप महतो, गंगाधर महतो, त्रिलोकी महतो और दीपक कुमार और गोरहर के रोहित महतो और सेवा महतो शामिल हैं.