झारखंड के हजारीबाग पुलिस ने शनिवार शाम (20 सितंबर) चतरा जिले के सिमरिया के बगरा जबा रोड पर एक लंबी तलाशी और निगरानी के बाद वांछित अपराधी उत्तम यादव को गोली मारकर ढेर कर दिया. यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस की टीम खुफिया जानकारी के आधार पर सड़क पर कैंप कर रही थी.
हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि उत्तम यादव इलाके में सक्रिय है और वह किसी भी समय खतरनाक घटना को अंजाम दे सकता है. जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ में यादव मारा गया.
एसपी ने कहा, "हमने अपराधी के इस्तेमाल की गई बंदूक और बाइक बरामद कर ली है. यादव कई गंभीर अपराधों में वांछित था और बिहार सरकार ने उसके लिए 50,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था."
गोलीबारी की घटना में था शामिल
उत्तम यादव चतरा, हजारीबाग और बिहार के अलग-अलग शहरों में कई मामलों में वांछित था. पुलिस के अनुसार, जून महीने में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें यादव सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR) लिए हुए नजर आ रहा था और हजारीबाग की एक ज्वैलरी की दुकान पर गोलीबारी की जिम्मेदारी भी उसने ली थी.
इसके अलावा, पुलिस के मुताबिक, यादव ने एक टीम पर हमला करने का प्रयास किया और क्षेत्र के कोयला व्यापारियों को धमकाने की घटनाओं में भी शामिल रहा.
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
पुलिस ने मुठभेड़ के बाद उत्तम यादव के शव को पोस्टमार्टम कराने के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है. एसपी अंजन ने कहा कि मुठभेड़ की पूरी प्रक्रिया में पुलिस टीम ने पूरी सावधानी बरती और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की.
पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय थाने को दें.
स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है. उन्होंने कहा कि उत्तम यादव लंबे समय से इलाके में आतंक फैलाए हुए था और उसकी मौत से अब सुरक्षा की भावना बढ़ेगी.
हालांकि, उन्होंने पुलिस से आग्रह किया कि अपराधियों के खिलाफ ऐसे कदम लगातार उठाए जाएं ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.