Jharkhand News: एक ओर जहां देशभर में ईद (Eid Ul Fitr) का त्योहार मनाया जा रहा है. वहीं झारखंड में पुलिस ने बीजेपी (BJP) के पांच नेताओं को बिठाकर पूछताछ की है. दरअसल, 11 अप्रैल को सचिवालय घेराव के दौरान धुर्वा गोलचक्कर में बीजेपी और पुलिस झड़प के मामले में तीन विधायकों, सी.पी. सिंह, नवीन जायसवाल और समरी लाल के साथ प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश और राज्य के मीडिया सह-प्रभारी अशोक बैरक से पूछताछ की गई. मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ सुबह 11.45 बजे शुरू हुई जो आधे घंटे तक चली. जिसमें नेताओं से पूछा गया कि क्या वे झड़प के समय मौजूद थे या नहीं? 

इसके अलावा इस मामले में उनकी भागीदारी के बारे में भी पूछा गया. पुलिस ने यह भी जानने का प्रयास किया कि क्या उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं को पानी की बोतलों या पत्थरों से पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाया था या नहीं. वहीं बीजेपी नेताओं ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि वे सचिवालय का घेराव करने के लिए प्रभात तारा मैदान में दोपहर का भोजन करने के बाद मार्च के लिए निकले थे. तभी डंडे, आंसू गैस के गोलों और पानी की बौछारों से लैस पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक लिया. उनका बीजेपी नेताओं को रोकने का तरीका बता रहा था कि पुलिस हेमंत सोरेन सरकार के इशारे पर इस तरह का व्यवहार कर रही है.

'बीजेपी नेताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से किया ता घेराव'वहीं पूछताछ के बाद थाने से बाहर आकर दीपक प्रकाश ने कहा कि बीजेपी ने शांतिपूर्ण तरीके से सचिवालय का घेराव किया था, लेकिन हेमंत सरकार के इशारे पर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया. शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए. उन्होंने आगे कहा कि, मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने बीजेपी नेताओं को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था. जैसा कि बीजेपी कानून का सम्मान करती है, तो बीजेपी नेता पुलिस स्टेशन पूछताछ के लिए पहुंचे. सरकार भले ही हम पर एक नहीं सैकड़ों केस कर दे, लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं. अगर हेमंत सोरेन सरकार में दम है तो हमें गिरफ्तार करें.

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