असम सरकार ने राज्य में 200 सालों से रह रहे आदिवासी और अन्य मजदूरों को जमीनों पर मालिकाना अधिकार देने का प्रस्ताव पास किया है. इस फैसले पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने असम सरकार की सराहना की है. चंपाई सोरेन ने हिमंत बिस्वा शर्मा का धन्यवाद भी किया.

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वहीं दूसरी और पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने एसआईआर को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि जल्द ही बांग्लादेशी घुसपैठियों को बाहर कर दिया जाएगा. इस दौरान ममता बनर्जी की सरकार पर हमला बोला है.

चंपाई सोरेन ने पोस्ट कर हिमंत सरकार का किया धन्यवाद

चंपाई सोरेन ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "असम सरकार ने राज्य में बसे चाय बागान के मजदूरों को भूमि पर मालिकाना अधिकार देने का विधेयक पास कर दिया. इसका लाभ वहां 200 सालों से बसे लाखों आदिवासियों तथा अन्य मजदूरों को मिलेगा. इसके साथ हीअसम कैबिनेट ने झारखंड की माटी से जुड़े आदिवासियों (चाय बागान श्रमिकों) को वहां अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है." 

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पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "कई सदियों से वहां बसे इन श्रमिकों के अधिकारों को कांग्रेस की सरकारें हमेशा नकारती रहीं, लेकिन असम की भाजपा सरकार ने इन आदिवासियों के कई दशकों के संघर्ष को सम्मान देकर, उनकी मांगें पूरी करने की दिशा में एक सशक्त कदम उठाया है. आदिवासी समाज के अधिकारों से जुड़े इन ऐतिहासिक निर्णयों के लिए, आदिवासी समाज की ओर से असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा को बहुत- बहुत धन्यवाद."

चंपाई सोरेन ने टीएमसी सरकार पर बोला हमला

ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा, "बंगाल की टीएमसी सरकार देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ नहीं लगाने देना चाहती है, ताकि उनके वोटर (घुसपैठिए) आसानी से बेरोकटोक आवाजाही कर सकें."

उन्होंने आगे कहा, "सिर्फ घुसपैठियों को सेफ पैसेज देने के लिए बांग्लादेश से जुड़ी देश की सीमाओं पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं देना केवल राजनीति या अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्रद्रोह है. पश्चिम बंगाल की जनता ऐसी देश-विरोधी शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देगी."

एसआईआर को लेकर किया ये दावा

पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने दावा किया है की चुनाव आयोग के अनुसार लगभग 15 लाख फर्जी वोटर कार्ड पकड़े जा चुके हैं, एस आईआर का सर्वे संपन्न होने तक या आंकड़ा बिहार में पकड़े गए फर्जी वोटर कार्ड से भी ज्यादा सामने निकल कर आएगा.

वहीं उन्होंने अगले 22 दिसंबर को संथाल परगना के कई क्षेत्रों का दौरा करने की बातें कही है उन्होंने कहा है कि उनके पहुंचते ही बांग्लादेशी घुसपैठिए क्षेत्र से पलायन करना शुरू कर देंगे.