झारखंड स्थित गोड्डा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने बीजू जनता दल के नेता बीजू पटनायक पर दिए अपने बयान के लिए माफी मांगी है. निशिकांत दुबे की यह माफी ऐसे समय में आई है जब बीजद सांसद सस्मित पात्रा ने उस कमेटी से इस्तीफा दे दिया, जिसके अध्यक्ष बीजेपी सांसद हैं. इतना ही नहीं ओडिशा में बीजेपी के वरिष्ठ नेता बैजयंत पांडा ने भी दुबे के बयान का विरोध किया था.

सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में 1 अप्रैल को दुबे ने लिखा है- पिछले हफ्ते मीडिया से बात करते हुए मैने नेहरु गांधी परिवार के कारनामों के क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भारत के अग्रणी नेताओं में स्थान रखने वाले बीजू पटनायक के संदर्भ में मेरी बातों से गलत अर्थ निकाला गया. पहले तो यह वक्तव्य मेरा व्यक्तिगत है. नेहरु जी के उपर मेरे विचार को बीजू बाबू के उपर समझा गया. बीजू बाबू हमारे लिए हमेशा ऊंचे कद के स्टेट्समैन रहे है और रहेंगे. मेरे वक्तव्य से यदि भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं बेशर्त क्षमा चाहता हूं.

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दुबे ने क्या कहा था जिस पर मचा बवाल

दुबे ने 27 मार्च को एक बयान में दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान बीजू पटनायक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) सीआईए के बीच की कड़ी थे. बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पटनायक की देशभक्ति पर कभी सवाल नहीं उठाया जा सकता तथा उन पर इस तरह के हमले अशोभनीय, अज्ञानतापूर्ण और पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. दुबे की टिप्पणियों की निंदा करते हुए, बीजद अध्यक्ष और बीजू पटनायक के पुत्र नवीन पटनायक ने कहा, 'मुझे लगता है कि बीजेपी सांसद को इस तरह की अपमानजनक बातें कहने के लिए किसी मानसिक चिकित्सक की आवश्यकता है.' 

इससे पहले बीजद नेता सस्मित पात्रा ने ‘बीजू पटनायक के खिलाफ सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दिए गए अपमानजनक, झूठे और मनगढ़ंत बयानों के खिलाफ कड़ा विरोध’ दर्ज कराते हुए संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति से इस्तीफा दे दिया था.