INDIA गठबंधन के अंदर एक राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. गठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस और जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के बीच राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' को गाने के तरीके को लेकर मतभेद सामने आए हैं. यह विवाद तब शुरू हुआ जब 7 सितंबर को श्रीनगर के SKICC में 'इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ जम्मू एंड कश्मीर' (IFFJK) के उद्घाटन समारोह के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और JKNC के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला 'वंदे मातरम्' के सभी छह छंदों के गायन के समय सम्मानपूर्वक खड़े रहे. यह फिल्म फेस्टिवल उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली J&K सरकार द्वारा आयोजित किया गया था, जिसे कांग्रेस बाहर से समर्थन दे रही है.
विवाद में कूदे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 8 सितंबर को सार्वजनिक रूप से पार्टी की असहमति जाहिर की. उन्होंने कहा कि गीत का पूरा संस्करण स्वतंत्रता संग्राम के दौरान परिकल्पित 'मिली-जुली संस्कृति और विविधतापूर्ण मूल्यों' के साथ मेल नहीं खाता है. वेणुगोपाल ने गठबंधन के सभी सहयोगियों से आग्रह किया कि वे केवल शुरुआती दो छंद गाने तक ही सीमित रहें. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तारिक हमीद कर्रा भी इस विवाद में कूद पड़े और उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार को समावेशी और विविधतापूर्ण राजनीति पर अपनी सलाह दी.
जम्मू-कश्मीर में MBBS-BDS इंटर्न की हड़ताल खत्म, मिला लिखित आश्वासन
कांग्रेस पर भड़क गई नेशनल कॉन्फ्रेंस
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कांग्रेस के निर्देशों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि कोई भी एक राजनीतिक दल किसी मान्यता प्राप्त राष्ट्रगीत के संबंध में गठबंधन सहयोगियों को अपनी शर्तें नहीं थोप सकता.
नेशनल कॉन्फ्रेंस का तर्क क्या है?
JKNC नेताओं ने तर्क दिया कि संसद द्वारा बनाए गए कानून के तहत राष्ट्रगीत का सम्मान करना अनिवार्य है और पार्टी ने ध्रुवीकरण करने वाली बहसों में पड़े बिना इसके पूर्ण गायन का सम्मान करने का फैसला किया. उन्होंने कांग्रेस को सलाह दी कि वे BJP द्वारा रचे गए नैरेटिव के जाल में फंसने के बजाय देश के अहम सामाजिक-आर्थिक मुद्दों पर ध्यान दें.
इस बहस को आगे बढ़ाते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता और विधायक तनवीर सादिक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें 'दोहरे मापदंड' को उजागर किया गया. इस पोस्ट को J&K के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी रीपोस्ट किया, जिससे पार्टी के रुख को पूरा समर्थन मिलने का संकेत मिला.
जुबानी जंग और बढ़ने की संभावना
इस वीडियो में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार (और कर्नाटक कांग्रेस के दूसरे सीनियर नेता) बेंगलुरु में हाल ही में हुए एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान 'वंदे मातरम्' के पूरे वर्जन के लिए सम्मानपूर्वक खड़े दिखाई दिए. JKNC ने इस फुटेज का इस्तेमाल यह तर्क देने के लिए किया कि श्रीनगर में कांग्रेस का विरोध एक गैर-ज़रूरी और बेतुका विवाद था. यह जुबानी जंग और बढ़ने की संभावना है क्योंकि कांग्रेस नेता चुपचाप नेशनल कॉन्फ्रेंस पर BJP की राह पर चलने का आरोप लगा रहे हैं.
