हुर्रियत के पूर्व नेता बिलाल गनी लोन ने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र 'त्रेहगाम' से अगला विधानसभा चुनाव लड़ने का संकेत दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अपने भाई और पीपल्स कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सज्जाद लोन को सीधी और कड़ी चुनौती देने का ऐलान किया है, जो उसी जिले के हंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुने गए विधायक हैं.

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बिलाल गनी लोन ने त्रेहगाम गांव में आयोजित एक जनसभा के दौरान मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में आने का खुला संकेत दिया. त्रेहगाम गांव JKLF के संस्थापक और पहले आतंकवादी कमांडर मकबूल भट का गृहनगर है, जिसे 11 फरवरी 1984 को तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी.

बिलाल ने कहा- हमेशा सच्चाई की राजनीति करें

उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के करालपोरा इलाके में अपने पैतृक गांव 'दर्द हरई' में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिलाल ने कहा कि बदलते राजनीतिक माहौल में नेताओं के लिए ईमानदारी और जनसेवा बनाए रखना जरूरी है. सच्चाई, ईमानदारी और जवाबदेही पर आधारित राजनीति के लिए जनता का समर्थन मांगते हुए, लोन ने कहा कि उनकी राजनीतिक यात्रा जनसेवा और पारदर्शी नेतृत्व पर केंद्रित रहेगी.

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अपने दिवंगत पिता अब्दुल गनी लोन की सलाह को याद करते हुए उन्होंने कहा कि राजनीति को हमेशा सेवा और समर्पण के रूप में देखा जाना चाहिए. लोन ने कहा, "मैंने अपने दिवंगत पिता से सीखा है कि राजनीति सेवा और समर्पण का एक रूप है. इसलिए, हमेशा सच्चाई की राजनीति करनी चाहिए."

जनता से की समर्थन की अपील

दो दशकों से अधिक समय तक, बिलाल लोन मीरवाइज उमर फारूक के नेतृत्व वाले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी गुट से जुड़े रहे, लेकिन उनका यह बदलाव हुर्रियत को सार्वजनिक रूप से 'निष्क्रिय' और 'अप्रासंगिक' कहकर आलोचना करने के बाद आया है. अब उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वो मुद्दों को पूरी तरह समझे बिना कोई राय न बनाएं और किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले हर मामले का सावधानीपूर्वक आकलन करें.

उन्होंने आगे कहा, "मैं अकेला हूं. मेरे पास आपके समर्थन के अनुरोध के अलावा कुछ भी देने के लिए नहीं है. मेरा मिशन सच्चाई, ईमानदारी और जन कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता पर आधारित राजनीति को बढ़ावा देना है."

नई पीढ़ी की राजनीति के बारे में बात करते हुए, हुर्रियत के पूर्व नेता ने कहा कि वो राजनीति की एक ऐसी नई पीढ़ी लाना चाहते हैं, जो पारंपरिक राजनीतिक दलों द्वारा अपनाए गए तौर-तरीकों से अलग हो.

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पारिवारिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता

हालांकि, इस घटनाक्रम ने उत्तरी कश्मीर में एक दिलचस्प पारिवारिक और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की नींव रख दी है. बिलाल लोन ने अपने छोटे भाई सज्जाद गनी लोन की खुलकर आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि सज्जाद 'अपनी अहमियत दिखाने वाली राजनीति' के लिए उनके पिता की विचारधारा को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और उसका फायदा उठा रहे हैं. फिलहाल सज्जाद लोन ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि यह बिलाल लोन का निजी फैसला है और पार्टी एकजुट होकर सज्जाद लोन के साथ है.

बिलाल की आगे की योजना क्या है?

बिलाल लोन ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वो पीपल्स कॉन्फ्रेंस पार्टी पर अपना दावा ठोकेंगे या नहीं. इस पार्टी की स्थापना उनके पिता और हुर्रियत के पूर्व चेयरमैन अब्दुल गनी लोन ने 1978 में की थी. अगर वह ऐसा करते हैं, तो उनका सीधा मुकाबला अपने छोटे भाई सज्जाद लोन से होगा, जो अभी पार्टी की कमान संभाले हुए हैं.

बिलाल ने कहा, "कुपवाड़ा के लोगों का मुझ पर बहुत कर्ज है. अगर वो मुझे स्वीकार करते हैं, तो बहुत अच्छी बात है. अगर नहीं करते, तो मैं उसे भी स्वीकार कर लूंगा. मुझे अपने लिए किसी चीज की जरूरत नहीं है क्योंकि मैं पहले से ही अच्छी स्थिति में हूं, लेकिन मैं उन वंचित लोगों के लिए काम करना चाहता हूं जिन्हें सालों से हर चीज से महरूम रखा गया है." उन्होंने यह भी साफ किया कि वो मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में कहां से शुरुआत करेंगे.

क्या बिलाल PDP में होंगे शामिल?

हालांकि, बिलाल लोन के महबूबा मुफ्ती की पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) में शामिल होने की अटकलों और अफवाहों के बीच, उन्होंने कहा कि उन्होंने अभी इसपर विचार नहीं किया है कि वो नई पार्टी बनाएंगे या किसी मौजूदा पार्टी में शामिल होंगे.

उन्होंने कहा, "राजनीति के नाम पर लोगों को बार-बार गुमराह किया गया है और मैं ईमानदारी और जवाबदेही के जरिए लोगों का भरोसा जीतना चाहता हूं. मैंने न तो किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है और न ही कोई नई पार्टी बनाने का. इसके बजाय, मैंने एक स्वतंत्र राजनीतिक पहल शुरू की है और मुझे उम्मीद है कि कुपवाड़ा जिले और पूरे कश्मीर के लोग मेरे साथ जुड़ेंगे."

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